तमाम नियम कानूनों में बदलाव के बावजूद टिकट दलालों पर अंकुश न लग पाने की शिकायतें दूर करने के लिए रेलवे नया कदम उठाने जा रहा है। रेलवे अपने रिजर्वेशन काउंटरों पर फेस डिटेक्टर मशीनें लगाएगा। रेलवे बोर्ड स्तर पर इसकी तैयारी शुरू हो गई है। इससे यह फायदा होगा कि आरक्षण काउंटर पर टिकट बनवाने वाले व्यक्ति की फोटो तुरंत खींच ली जाएगी।
यदि दूसरी बार भी ठीक वही व्यक्ति आरक्षण काउंटर पर टिकट बनवाने पहुंचेगा तो मशीन उसका चेहरा पहचान कर बता देगी कि वह दूसरी बार टिकट बनवाने के लिए आया है। एक महीने में आरक्षण काउंटर पर यदि वही व्यक्ति टिकट बनवाने छह बार से ज्यादा आया तो उससे आरपीएफ पूछताछ कर सकेगी।
जांच में टिकट दलाली की बात सामने आने पर आरोपी व्यक्ति के खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत कार्रवाई होगी। टिकट दलालों की धरपकड़ के लिए रेलवे बोर्ड ने देश के सभी जोनल रेलवे से उनके अरक्षण काउंटर्स की संख्या पूछी थी। पूछा गया कि दलालों की सक्रियता कहां रहती है।
दरअसल बोर्ड की मंशा है कि उन आरक्षण काउंटर्स पर फेस डिटेक्टर मशीनें लगाई जाएं जहां दलालों की सक्रियता ज्यादा रहती है। मशीन की खासियत होगी कि यदि कोई व्यक्ति टिकट काउंटर पर सीमा से अधिक बार पहुंचा तो बुकिंग क्लर्क के पास लगे फेस डिटेक्टर में उसका डाटा सामने आ जाएगा।
यह भी मालूम पड़ जाएगा कि संबंधित व्यक्ति ने पिछली बार टिकट कब और कहां के लिए बुक कराई थी। बताया जा रहा है कि यह मशीन उन काउंटर्स पर लगेगी जहां से तत्काल के टिकट बुक होते हैं। ‘फेस डिटेक्टर मशीन लगाने की तैयारी रेलवे बोर्ड स्तर पर चल रही है। बोर्ड से निर्देश मिलते ही एनसीआर के प्रमुख रिजर्वेशन काउंटर्स पर भी इसे लगाने का काम शुरू हो जाएगा।’