आगामी लोकसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे राजनीतिक दलों ने आरोप प्रत्यारोपण का खेल शुरु कर दिया है। बेरोजगारी के मुद्दे पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार की जमकर आलोचना की। मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस ने कहा कि भाजपा की मोदी सरकार ने युवाओं की आशाओं और सपनों को कुचल दिया है। जिसके कारण युवा आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि सरकार, जनसांख्यिकीय आपदा में तब्दील हो रहे जनसांख्यिकीय लाभांश के संकट से निपटने के बजाय, खतरनाक आत्महत्या दर को छिपाने के लिए 2022 के लिए राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों में "हेरफेर" करना चाहती है। एक बयान में उन्होंने कहा कि भारत में बेरोजगारी के साथ-साथ छुपी हुई बेरोजगारी भी एक गंभीर समस्या बनी हुई है।
जयराम रमेश ने आनंद विहार टर्मिनल पर कुलियों के साथ कांग्रेस नेता राहुल गांधी की बातचीत का हवाला दिया। उन्होंने कहा, बड़ी संख्या में शिक्षित युवा रोजगार पाने में असमर्थ थे। जिसके कारण उन्हें यहां कुली का काम करना पड़ रहा है। औपचारिक क्षेत्र में पर्याप्त रोजगार उपलब्ध कराने में मोदी सरकार की विफलता के कारण यह स्थिति पैदा हुई है।
साथ ही उन्होंने 2021-22 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के आंकड़ों का हवाला दिया, जिससे पता चलता है कि औपचारिक क्षेत्र का रोजगार 2019-20 की तुलना में 5.3 प्रतिशत कम है। इसके अलावा, 2019-20 से 2021-22 तक औपचारिक नियोक्ताओं की संख्या में 10.5 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है।