कांग्रेस ने शुक्रवार को अपने संगठन में बड़े बदलाव किए हैं। पार्टी ने कई नए सचिव और संयुक्त सचिव नियुक्त किए हैं और कुछ राज्यों के पदाधिकारियों की जिम्मेदारी में भी फेरबदल किया गया है।
पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे ने अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) के सचिवों और संयुक्त सचिवों की नियुक्ति की है। संगठन महासचिव के.सी.वेणुगोपाल ने एक प्रेस रिलीज में बताया कि ये पदाधिकारी पार्टी के महासचिव और संबंधित राज्यों के प्रभारियों के साथ काम करेंगे।
प्रणब झा और गौरव पांधी अब कांग्रेस के सचिव बनाए गए हैं। ये अब तक कांग्रेस अध्यक्ष के कार्यालय में समन्वयक थे। वहीं, विनीत पुनिया को कांग्रेस के संचार विभाग में सचिव बने रहेंगे। जबकि रुचिका चतुर्वेदी को इस विभाग में सचिव के रूप में नियुक्ति दी गई है।
राजस्थान के पूर्व विधायक दानिश अबरार को दिल्ली और दिव्या मदेरणा को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है।अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष नेट्टा डी सूजा, एनएसयूआई के पूर्व अध्यक्ष नीरज कुंदन और नवीन शर्मा भी कांग्रेस के सचिव के रूप में काम करेंगे। साथ ही वेणुगोपाल भी इस भूमिका में रहेंगे।
मनोज त्यागी और सुशांत मिश्रा को संयुक्त सचिव नियुक्ति किया गया है। पार्टी के एक नेता ने कहा कि संगठन में वफादार और मेहनत करने वालों को इस फेरबदल के जरिए इनाम दिया गया है। धीरज गुर्जर, प्रदीप नरवाल, राजेश तिवारी, तौकीर आलम, निलांशी चतुर्वेदी और सत्यनारायण पटेल को उत्तर में कांग्रेस सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत शरद यादव की बेटी सुभाषिनी यादव को भी सचिव नियुक्त किया गया है। झारखंड सरकार की मंत्री दीपिका पांडे को सचिव की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है। वहीं, राज्यसभा सदस्य रंजीत रंजन को भी उनकी जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है। उत्तराखंड विधानसभा के सदस्य काजी निजामुद्दीन सचिव के रूप में बने रहेंगे। हालांकि, उन्हें राजस्थान के सह-प्रभारी की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है और महाराष्ट्र की जिम्मेदारी दी गई है।