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RG Kar Case: 'बंगाल फास्ट ट्रैक कोर्ट की संख्या के मामले में तीसरे नंबर पर', केंद्रीय मंत्री पर TMC का पलटवार

Fri, 30 Aug 2024 09:25 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

राज्यसभा से लिखित उत्तर के अनुसार, मई 2023 तक पश्चिम बंगाल में 88 क्रियाशील फास्ट ट्रैक कोर्ट हैं। उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 372 फास्ट ट्रैक कोर्ट हैं, जबकि महाराष्ट्र मई 2023 तक 97 फास्ट ट्रैक कोर्ट के साथ दूसरे स्थान पर है।
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केंद्रीय मंत्री पर TMC सांसद का पलटवार - फोटो : ANI
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विस्तार
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कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या को लेकर देशभर में मचे हंगामे के बीच तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने शुक्रवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में फास्ट ट्रैक कोर्ट की संख्या देश में तीसरी सबसे अधिक है।
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राज्यसभा से लिखित उत्तर का एक हिस्सा किया साझा
तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ. ब्रायन ने एक्स पर एक पोस्ट में 27 जुलाई, 2023 को राज्यसभा से लिखित उत्तर का एक हिस्सा साझा किया, जिसमें देश में फास्ट ट्रैक कोर्ट की संख्या दी गई थी। राज्यसभा से लिखित उत्तर के अनुसार, मई 2023 तक पश्चिम बंगाल में 88 क्रियाशील फास्ट ट्रैक कोर्ट हैं। उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 372 फास्ट ट्रैक कोर्ट हैं, जबकि महाराष्ट्र मई 2023 तक 97 फास्ट ट्रैक कोर्ट के साथ दूसरे स्थान पर है।

बंगाल में फास्ट ट्रैक कोर्ट की संख्या 88
राज्यसभा में टीएमसी संसदीय दल के नेता ओ ब्रायन ने पीएम मोदी को टैग करते हुए एक पोस्ट में कहा, चूंकि आपकी टीम के लोग बंगाल की सीएम ममता बनर्जी को पत्र लिख रहे हैं, इसलिए मुझे लगा कि संसद में फास्ट ट्रैक कोर्ट पर आपको यह जवाब बहुत जानकारीपूर्ण लगेगा। उन्होंने कहा, बंगाल में देश में क्रियाशील फास्ट ट्रैक कोर्ट की संख्या तीसरी सबसे अधिक है।
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WCD मंत्री के पत्र पर सांसद ने किया पलटवार
महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने सोमवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि राज्य ने बलात्कार और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम के 48,600 मामले लंबित होने के बावजूद शेष 11 फास्ट ट्रैक विशेष अदालतें शुरू करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है।

पत्र में अन्नपूर्णा देवी ने महिला हेल्पलाइन (डब्ल्यूएचएल), आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ईआरएसएस) और चाइल्ड हेल्पलाइन जैसी प्रमुख आपातकालीन हेल्पलाइनों को लागू करने में विफल रहने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार की आलोचना की थी।

ममता बनर्जी ने पीएम मोदी को लिखा था पत्र
सीएम बनर्जी ने शुक्रवार को पीएम मोदी को पत्र लिखकर कहा कि पश्चिम बंगाल में 88 फास्ट-ट्रैक विशेष अदालतें और 62 पोक्सो-नामित अदालतें पहले से ही राज्य के वित्त पोषण पर काम कर रही हैं। ममता बनर्जी ने लिखा कि राज्य में हेल्पलाइन नंबर 112 और 1098 काम कर रहे हैं और आपातकालीन स्थितियों में डायल-100 का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने बलात्कार और हत्या जैसे जघन्य अपराधों पर सख्त केंद्रीय कानून और अनुकरणीय सजा के लिए अपना अनुरोध भी दोहराया।
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