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कांग्रेस: 163 साल पुरानी परंपरा में राहुल का 756 नंबर वाला दांव! कुली क्यों बोले हम नहीं बन सके 'अमिताभ बच्चन'

आशीष तिवारी
Updated Thu, 21 Sep 2023 05:28 PM IST

सार

राहुल गांधी ने गुरुवार को एक बार फिर से रोज कमाने खाने वालों की श्रेणी में आने वाले कुलियों से मुलाकात कर बड़ी सियासी हलचल पैदा कर दी। कांग्रेस पार्टी से जुड़े नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी से कुलियों ने मुलाकात करने के लिए कहा था...
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Rahul Gandhi- Congress - फोटो : Amar Ujala/Sonu Kumar


राहुल गांधी ने गुरुवार को एक बार फिर से रोज कमाने खाने वालों की श्रेणी में आने वाले कुलियों से मुलाकात कर बड़ी सियासी हलचल पैदा कर दी। कांग्रेस पार्टी से जुड़े नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी से कुलियों ने मुलाकात करने के लिए कहा था। इसलिए राहुल गांधी ने कुलियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं के बारे में जाना। सियासी गलियारों में चर्चा इस बात की हो रही है कि समूचे देश में तकरीबन अस्सी हजार की संख्या वाले कुली समुदाय से मिलकर राहुल गांधी क्या संदेश देना चाह रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषक त्रिभुवन नाथ मिश्र कहते हैं कि सियासत में संदेश के तौर पर संख्या हमेशा मायने रखती है। लेकिन जिस तरीके से कुलियों की कम संख्या के बावजूद राहुल गांधी ने मुलाकात की, उसका सियासी संदेश देने वाला कैनवास काफी बड़ा है। मिश्रा कहते हैं कि दरअसल राहुल गांधी ने उसे समुदाय से मुलाकात करने का सिलसिला शुरू कर रखा है, जो संख्या बल में भले कम हो, लेकिन रोज कमाने खाने वालों की फेहरिस्त में उनकी संख्या करोड़ों में आ जाती है। कुलियों से मुलाकात कर राहुल गांधी ने इसी तरीके का संदेश उसे पूरे समुदाय को दिया है, जो रोज कमाते खाते हैं और इस श्रेणी में आते हैं, जिसमें कुली शामिल हैं।

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक 11 फरवरी 2014 में भी राहुल गांधी ने नई दिल्ली स्टेशन पर जाकर कुलियो से मुलाकात की थी। उस मुलाकात के दौरान कुली संघ के तत्कालीन नेता सोनू यादव कहते हैं कि राहुल गांधी और केंद्र के मंत्री अजय माकन ने मुलाकात के दौरान उनकी समस्याओं के बारे में जाना भी था और उनसे अपनी सरकार के जारी किए जाने वाले घोषणा पत्र पर चर्चा भी की थी। सोनू यादव कहते हैं इस मुलाकात के दौरान उन्होंने नेताओं से जिक्र किया था कि कुली फिल्म के बाद अमिताभ बच्चन का तो करियर संवर गया, लेकिन उनका अभी तक अंधकार में है। हालांकि सोनू कहते हैं के 2014 के बाद राहुल गांधी की सरकार ही नहीं आई, इसलिए उनके कुलियों के लिए किए गए वायदे तो पूरे नहीं हो सके। वह उम्मीद जताते हैं कि उनकी जो प्रमुख मांगे और समस्याएं हैं, उनको सरकार सुनेगी भी और विपक्ष के नेता आवाज उठाकर उनकी मांग को सही फोरम पर रखेंगे।

बिल्ला नंबर पहन कर राहुल ने दिया बहुत बड़ा मैसेज

कुलियों के नेता सोनू यादव कहते हैं कि रेलवे स्टेशन पर काम करने के लिए कुलियों को लाइसेंस के तौर पर बिल्ला दिया जाता है। इस बिल्ले पर एक नंबर दर्ज होता है। वह कहते हैं जिस कुली को यह बिल्ला दिया जाता है, वह अपने परिवार में इसको आगे ट्रांसफर कर इस पेशे को आगे बढ़ता रहता है। कुली के पास व्यवस्था होती है कि वह अपने बिल्ले को अपने परिवार में ट्रांसफर करता रहे। यादव कहते हैं कि राहुल गांधी ने जिस 756 नंबर के बिल्ले को पहना है, उसका बहुत बड़ा मतलब निकलता है। राहुल गांधी ने ऐसा करके कुली समुदाय की उस परंपरा को आगे बढ़ाया है, जो कुलियों का परिवार इस पेशे में आने वाले अपने घर के सदस्यों के लिए करता है। कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता पीएल पुनिया कहते हैं कि राहुल गांधी के लिए देश का प्रत्येक व्यक्ति परिवार की तरह ही है। यही वजह है कि वह उस हर तबके से मिल रहे हैं जिनको सबसे ज्यादा न सिर्फ मदद की दरकार है बल्कि उसकी आवाज उठाने वाला भी कोई नहीं है।

ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के महासचिव शिवगोपाल मिश्र कहते हैं कि कुलियों की समस्याएं तो बहुत हैं। अगर सही मायने में उनकी समस्याओं को दूर करने की नियत सरकारों और जिम्मेदारों की हो, तो देश के तकरीबन अस्सी हजार से ज्यादा कुलियों का जीवनयापन बहुत सुखद हो सकता है। शिव गोपाल मिश्रा कहते हैं कि कुलियों की शुरुआती दौर से मांग रही है कि उनको रेलवे में समायोजित किया जाए। जब लालू यादव रेल मंत्री हुआ करते थे तब यह प्रक्रिया की शुरुआत हुई थी, लेकिन बाद में किन्हीं कारणों से ऐसा संभव नहीं हो पाया। फेडरेशन के महासचिव का मानना है कि अगर सही मायने में ईमानदारी से कुलियों की समस्याओं का समाधान किया जाए तो या उनकी बेहतरीन के लिए बहुत ही मुफीद कदम होगा।

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