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सोनिया गांधी ने 'राजीव' का नाम लेकर पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी, पति की विरासत का दिया हवाला

Thu, 20 May 2021 06:54 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने लिखा है, आप जानते हैं कि नवोदय विद्यालय की स्थापना मेरे पति राजीव गांधी की अहम विरासतों में एक है। उनका सपना था कि देश के ग्रामीण एवं दूर दराज के क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले...
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सोनिया गांधी - फोटो : ANI (File)
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विस्तार
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कोरोना काल में सियासत भी जोरों पर है। कभी विपक्षी नेता मोदी सरकार पर फेल होने का आरोप लगा देते हैं तो कभी ये कहकर केंद्र सरकार की आलोचना की जाती है कि उसने अपने सलाहकारों की बात पर गौर ही नहीं किया। कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कोरोना संक्रमण को लेकर कई बार मोदी सरकार की जमकर खिंचाई की है। इस बीच गुरुवार को सोनिया गांधी ने पीएम मोदी के नाम एक ऐसी चिट्ठी लिखी है, जिसमें उनके पति और देश के पूर्व पीएम दिवंगत राजीव गांधी का जिक्र हुआ है। दरअसल, सोनिया गांधी ने पीएम मोदी से एक आग्रह किया है। कोरोना की वजह से जिन लोगों का कारोबार पूरी तरह खत्म हो गया या किसी बच्चे के मां बाप इस महामारी का शिकार हो गए, उनके लिए नवोदय विद्यालयों में फ्री शिक्षा की व्यवस्था की जाए। यह मानवता की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।

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खास बात है कि सोनिया गांधी ने अपनी इस चिट्ठी में मोदी सरकार की आलोचना नहीं की है। कोई खरी खोटी बात या तंज भी नहीं कसा गया है। उन्होंने लिखा है, कोरोना संक्रमण ने देश में तहस नहस की स्थिति पैदा कर दी है। पीड़ितों को हृदय विदारक स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। ऐसी खबरें भी मिली हैं कि कोरोना संक्रमण के चलते किसी बच्चे के अभिभावकों में से कोई एक या दोनों मारे गए हैं। अब इन बच्चों के जीवन में सिवाय कष्ट के और कुछ नहीं बचा है। उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुंचा है। उनके भविष्य, शिक्षा और करियर को लेकर सवाल खड़ा हो गया है। इसके लिए राष्ट्र को कदम बढ़ाना होगा।

कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने लिखा है, आप जानते हैं कि नवोदय विद्यालय की स्थापना मेरे पति राजीव गांधी की अहम विरासतों में एक है। उनका सपना था कि देश के ग्रामीण एवं दूर दराज के क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले। मौजूदा समय में देश के विभिन्न हिस्सों में 661 नवोदय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इन विद्यालयों में पढ़ने वाले ऐसे बच्चे, जिनके मां-बाप की कोरोना संक्रमण की वजह से मौत हो गई है या परिवार में खाने कमाने का कोई साधन नहीं बचा है, उनकी मदद बहुत जरूरी है। ऐसे बच्चों को निशुल्क शिक्षा प्रदान की जाए। ऐसा कर हम उन्हें इस कष्ट की घड़ी में एक उम्मीद दे सकते हैं।

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