कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खास बुलावे पर भारत जोड़ो यात्रा पर निकले पार्टी के सांसद राहुल गांधी 23 सितंबर को दिल्ली आएंगे। इससे पहले सोनिया गांधी ने कांग्रेस महासचिव वेणुगोपाल को बुलाया था। वेणुगोपाल राहुल गांधी के साथ भारत जोड़ो यात्रा पर हैं और वह भी उसे छोड़कर दिल्ली आए थे। उनसे सोनिया ने पार्टी के ताजा हालात पर चर्चा की। वेणुगोपाल से संदेशा भेजा और शुक्रवार को राहुल दिल्ली में होंगे। उनसे सोनिया गांधी की चर्चा होगी। गुरुवार 22 सितंबर को अशोक गहलोत भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होंगे। राहुल से चर्चा करेंगे और अध्यक्ष पद के लिए मनाएंगे। 24 सितंबर से पार्टी की चुनाव प्रक्रिया के तहत अध्यक्ष पद का नामांकन शुरू हो जाएगा। इस सभी नामों पर सस्पेंस 30 सितंबर के बाद ही हटने की संभावना है।
पार्टी में अध्यक्ष पद के तीन दावेदारों के नाम सामने आ रहे हैं। पहला नाम राहुल गांधी का है। उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। तब से पार्टी के नेता उन्हें इस पद पर दोबारा आने के लिए मना रहे हैं। अब अशोक गहलोत भी कोशिश करेंगे। 23 सितंबर को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी उन्हें जानकारी देंगी कि 10 से अधिक प्रदेश कांग्रेस समितियों ने राहुल को पार्टी का अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव पारित करके भेज दिया है। राहुल पार्टी के संविधान और कार्यकर्ताओं के आग्रह को ध्यान में रखकर अपना निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं। फैसला राहुल को करना है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्नीवला, एसवी रमणी समेत तमाम नेताओं का कहना है कि उनसे अध्यक्ष बनने का सवाल पूछिए तो हंसकर टाल जाते हैं। हालांकि राहुल ने अपने एक ट्वीट से तमाम नेताओं की उम्मीद बढ़ा दी है कि जब नाव मझधार में तो पतवार हाथ में लेनी पड़ती है।
राहुल गांधी के बाद इस पद के सबसे प्रबल दावेदार अशोक गहलोत हैं। अशोक गहलोत पहले राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने के लिए मेहनत कर रहे हैं। गहलोत की यह मेहनत 2019 से ही चल रही है। ऐसा करने वाले गहलोत अकेले नेता नहीं हैं, बल्कि लगभग पूरी कांग्रेस यह कोशिश कर रही है। राहुल गांधी के न मानने पर 24 सिंतबर को प्रक्रिया शुरू होने के बाद अशोक गहलोत नए अध्यक्ष पद के लिए नामांकन कर देंगे। अशोक गहलोत से अभी जयपुर और मुख्यमंत्री पद का मोह नहीं छूट पा रहा है।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शशि थरूर को मिलने के लिए बुलाया था। उनसे साफ कहा था कि अध्यक्ष पद के चुनाव में वह, सांसद राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी तीनों चुनाव नहीं लड़ेंगे। वे इसके इच्छुक नहीं हैं। पार्टी का चुनाव लोकतांत्रिक और पारदर्शी तरीके से होगा। थरूर यदि अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ना चाहते हैं तो स्वतंत्र हैं। इसके बाद सोनिया गांधी ने अशोक गहलोत को भी बुलाया। जब अशोक गहलोत दिल्ली में थे तो उस समय सचिन पायलट राहुल गांधी के साथ भारत जोड़ो यात्रा में थे। अशोक गहलोत से भी कांग्रेस अध्यक्ष ने राजनीति के ताजा हालात पर करीब दो घंटे तक चर्चा की। उनसे भी अध्यक्ष के बाबत स्थिति स्पष्ट की और कहा कि गांधी परिवार से कोई अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लडेगा। अशोक गहलोत सोनिया गांधी से मिले और एक सस्पेंस छोड़कर राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होने के लिए चले गए। अशोक गहलोत ने कहा कि पार्टी के लोग चाहेंगे तो वह अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ेंगे, लेकिन पहले वह राहुल गांधी को इस पद के लिए मनाएंगे। साथ में गहलोत ने कहा कि पार्टी में अध्यक्ष पद के लिए चुने गए व्यक्ति पर एक व्यक्ति, एक पद का सिद्धांत लागू नहीं होता। वह एक साथ दो पदों पर रह सकता है। उनके इस बयान को राजनीति में जादूगर के नाम से मशहूर अशोक गहलोत के बयान के तौर पर देखा जा रहा है। खैर, अशोक गहलोत ने केरल रवाना होने से पहले दिल्ली में एक और बड़े नेता से मंत्रणा की है। संभावना है कि वह अभी शतरंज की कुछ और चालें चलेंगे।
कांग्रेस का नया अध्यक्ष कौन होगा? इसके लिए कम से कम 30 सितंबर तक इंतजार करना होगा। 24 सितंबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी और 30 सितंबर तक चलेगी। राहुल गांधी 23 सितंबर को भारत जोड़ो यात्रा को एक दिन के लिए रोककर दिल्ली आएंगे और इसके बाद 24 सितंबर से यात्रा को फिर से आगे बढ़ाएंगे। 30 सितंबर तक उनके यात्रा में ही रहने की सूचना है। इस तरह से 30 सितंबर तक नए अध्यक्ष को लेकर सस्पेंस समाप्त होने के आसार हैं। इस दौरान तीन स्थितियां संभव हैं। पहली स्थिति यह कि कोई अध्यक्ष पद पर नामांकन ही न करे। पहले की तरह अध्यक्ष पद का जिम्मा कांग्रेस की पॉवरफुस कांग्रेस वर्किंग कमेटी के पास चला जाए। दूसरा स्थिति यह है कि आम सहमति से पार्टी का नया अध्यक्ष चुन लिया जाए। चुनाव कराने की नौबत न आए। तीसरी स्थिति यह है कि एक से अधिक नामांकन हों और 17 अक्तूबर को मतदान हो। 19 अक्तूबर को वोटों की गिनती के बाद नए अध्यक्ष को चुने जाने की घोषणा हो जाए। कुल मिलाकर 30 सितंबर को ही पता चल पाएगा कि आगे क्या होगा?