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Congress: लवली स्टाइल में कांग्रेस में गुटबाजी खत्म, लोकसभा चुनावों में मजबूती से दिखाएगी ताकत

सार

गीता कॉलोनी में आयोजित पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन में भी पार्टी के सभी धड़े एकजुट होते हुए दिखाई पड़े। जिन्हें एक साथ काम करना पसंद नहीं था, वे एक ही मंच पर एक दूसरे की ताकत बनते देखे गए।
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सिंह लवली - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सुखबीर शर्मा दिल्ली कांग्रेस के उन नेताओं में शामिल थे जिन्होंने पार्टी में कुछ बेहतर न होता देख भाजपा ज्वाइन कर लिया था। लेकिन अब उन्होंने घर वापसी कर ली है और पुरजोर तरीके से कांग्रेस को मजबूत करने में जुट गए हैं। सुखबीर शर्मा की तरह सैकड़ों पूर्व कांग्रेसी अब भाजपा-आम आदमी पार्टी छोड़कर कांग्रेस में वापस आ रहे हैं। जिस समय कांग्रेस केंद्र या दिल्ली प्रदेश में कहीं भी सत्ता में नहीं है, इन लोगों की घर वापसी कई संदेश देती है। यह सन्देश क्या है?
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गीता कॉलोनी में आयोजित पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन में भी पार्टी के सभी धड़े एकजुट होते हुए दिखाई पड़े। जिन्हें एक साथ काम करना पसंद नहीं था, वे एक ही मंच पर एक दूसरे की ताकत बनते देखे गए। क्या कांग्रेसियों को अब यह समझ में आ गया है कि यह उनके लिए लड़ने का अंतिम अवसर है और यदि वे आपसी मतभेद भूलकर एकजुट होकर न लड़े तो सब कुछ गंवा बैठेंगे। यदि रामलीला मैदान से निकला यह  संदेश पार्टी दिल्ली की जनता तक पहुंचाने में सफल रही तो पार्टी के लिए संभावनाओं के नए द्वार खुल सकते हैं।    

और देर नहीं  
क्या अब कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पार्टी का भविष्य बेहतर दिखाई पड़ रहा है? अमर उजाला के इस प्रश्न पर पंडित सुखबीर शर्मा ने कहा कि गीता कॉलोनी  में आयोजित किये गए कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन में जिस तरह भीड़ उमड़ी, वह यह बताने के लिए पर्याप्त है कि लोगों में कांग्रेस को लेकर एक उम्मीद जगी है। यह उम्मीद कुछ पाने की नहीं है। जिस तरह केंद्र सरकार लोकतंत्र और देश की व्यवस्था को ख़त्म करने में जुटी है, लोगों को लग रहा है कि यदि वे अब भी कांग्रेस के साथ खड़े होकर न लड़े तो बहुत देर हो जाएगी। 
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लवली मॉडल 
पार्टी के एक नेता ने अपना नाम न लिखे जाने की शर्त पर कहा कि ने कहा कि अरविंदर सिंह लवली के आने से पार्टी मजबूत हुई है। पार्टी के कई नेता आपसी वैचारिक मतभेद के कारण एक साथ काम करने के लिए तैयार नहीं थे, लेकिन अब वे सब एकजुट हो गए हैं। अजय माकन, संदीप दीक्षित और मुदित अग्रवाल का एक साथ एक मंच पर होना यही सन्देश देता है। लवली ने शीला दीक्षित के साथ काम करने के अनुभव का लाभ उठाते हुए सबको एकजुट करने में सफलता हासिल की है। 
सुखबीर शर्मा की तरह गांधी नगर के हसन खान का मानना है कि देश को बचाए रखने के लिए कांग्रेस को मजबूत करना आवश्यक है, और इसीलिए वे कांग्रेस को सपोर्ट करने रामलीला मैदान पहुंचे हुए हैं। उनकी तरह लाखों लोग और भी हैं जिन्हें कांग्रेस ही अंतिम उम्मीद की तरह दिखाई दे रही है।                
खरगे ने रोजगार के मुद्दे पर बोला हमला 
राहुल गांधी अपनी न्याय यात्रा के दौरान युवाओं को रोजगार का न्याय देने की बात कर रहे हैं। राहुल की वह सोच कांग्रेस के कार्यकर्त्ता सम्मेलन में भी साफ़ दिखाई दे रही थी। कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने गीता कॉलोनी के रामलीला मैदान में आयोजित पार्टी कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि 20 करोड़ लोगों को रोजगार देने का वादा करके लोगों को बेरोजगार करना ही मोदी की गारंटी बन चुका है। खड्गे ने कहा कि आज 30 लाख पद खाली पड़े हैं और सरकार जुमले छोड़ने और झूठ बोलने में व्यस्त है। 

खड़गे ने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा, न्याय यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी देश में एकमात्र ऐसे नेता हैं जो बिना किसी स्वार्थ के समाज में फैले जहर को खत्म करने के लिए निडर होकर यात्रा कर रहे हैं। वे हर तबके की आवाज बनकर उभरे हैं। खड़गे ने लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि हमने इंडिया गंठबंधन में पूरी कोशिश की है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वो बूथ स्तर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की सशक्त टीम तैयार करें। 

लवली ने भी उठाया मुद्दा 
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि कांग्रेस सभी संसदीय क्षेत्रों में मजबूती से चुनाव की तैयारी में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि भगवान राम हमारे दिल में बसते हैं और जिस तरीके से भाजपा ने संघ प्रमुख मोहन भागवत को अतिथि बनाया था, उससे यह साफ हो गया है कि वो कार्यक्रम पूरी तरीके से आरएसएस और भाजपा का था। उन्होंने कहा कि यह देश सबका है और इस देश की मिट्टी में सबका खून है। 
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