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सियासत: फेसबुक पर भाजपा के चुनाव अभियान को बूस्ट करने की रिपोर्ट पर बोली कांग्रेस, लोकतंत्र की हत्या हुई

Mon, 14 Mar 2022 10:34 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कांग्रेस ने कहा है कि विपक्ष को झूठ से बदनाम करना ही एक मात्र तरीका है जिससे भाजपा अपनी अक्षमता छिपा सकती है और सत्ता में बरकरार रह सकती है।
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कांग्रेस - फोटो : फाइल
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विस्तार
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कांग्रेस पार्टी ने सोमवार को एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए केंद्र सरकार पर आरोप लगाए। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एक रिलायंस से वित्तपोषित कंपनी ने फेसबुक पर भाजपा के कैंपेन को बूस्ट किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि चुनावों के दौरान विभाजनकारी प्रॉक्सी विज्ञापनों के जरिए सत्ताधारी पार्टी का प्रचार करने के साथ 'लोकतंत्र की हत्या' की जा रही थी।

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राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि रिलायंस को स्पष्ट करना चाहिए कि क्यों वह फेसबुक पर भाजपा के प्रोपेगंडा पेज के जरिए फेक न्यूज को बढ़ावा दे रही थी। उन्होंने कहा, रिलायंस की ओर से वित्तपोषित झूठ ने न केवल कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी को निशाना बनाया बल्कि इनका उद्देश्य देश में सांप्रदायिक अशांति का माहौल तैयार करना भी था।

हाल ही में पांच राज्यों (उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर) में हुए विधानसभा चुनावों में करारी हार का सामना करने वाली कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से लिखा कि हमारे देश के लोकतांत्रिक ताने-बाने पर हमला करने के लिए सोशल मीडिया का दुरुपयोग किया जाना नया नहीं है। कांग्रेस ने कहा कि यह भाजपा के काम करने के तरीके में शामिल है।
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इसके अलावा सीपीआई (एम) के महासचिव सीताराम येचुरी ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे हमारे लोकतंत्र की नींव का खुलेआम विनाश करार दिया और रिपोर्ट को लेकर कहा कि यह नफरत और गलत सूचनाएं फैलाने के लिए सूचना के स्थान का दुरुपयोग करना है। सीताराम येचुरी ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग को इसका तत्काल प्रभाव से संज्ञान लेना चाहिए।

अल जजीरा की रिपोर्ट पर मचा है बवाल
विपक्षी दल ये आरोप अल जजीरा की एक रिपोर्ट के आधार पर लगाए हैं। इसमें दावा किया गया है कि 2019 के आम चुनावों और नौ राज्यों के विधानसभा चुनावों में भाजपा की पहुंच और लोकप्रियता को बढ़ाने के लिए भारत के सबसे बड़े कारोबारी समूह (रिलायंस) ने नियमों में कमियों का लाभ उठाते हुए फर्जी विज्ञापनों और इन्हें प्रसारित करने पर लाखों रुपये की राशि खर्च की थी।

जिस फर्म पर सवाल उठे हैं वह मुकेश अंबानी की मालकियत वाली जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड की सहयोगी कंपनी है। कांग्रेस ने फेसबुक पर हमला बोलते हुए कहा कि कैसे एक वैश्विक कंपनी अपने प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नफरत और गलत जानकारियां फैलाने के लिए करने दे सकती है। इसने कहा कि आखिर फेसबुक किसलिए एक पार्टी के एजेंडा को प्राथमिकता दे रहा है।

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