तब्लीगी जमात में कथित भागीदारी के लिए गृह मंत्रालय के आदेश को चुनौती देने वाली तबलीगी जमात में शामिल विदेशियों द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से एक अपील की। उन्होंने कहा कि तबलीगी जमात में शामिल होने आए विदेशी नागरिक, जिन्हें वीजा उल्लंघन के मामले में ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है, उनके स्थानीय अदालत में जाने का क्या स्कोप होगा।
इस मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से पेश हुए एसजी मेहता ने कहा कि जब वीजा की शर्त का उल्लंघन होता है, तो विदेशियों के स्थानीय अदालतों में जाने के अधिकार का क्या दायरा होगा।
उनके इस निवेदन पर जस्टिस एएम खानविलकर और सीटी रविकुमार की पीठ ने सुनवाई की। कोर्ट ने इस मामले में आगे की सुनवाई के लिए 8 अप्रैल की तारीख तय की है। साथ ही कोर्ट ने दोनों पक्षों से अपना लिखित निवेदन दाखिल करने को कहा गया है।
जस्टिस एएम खानविलकर और सीटी रविकुमार की पीठ तब्लीगी जमात मामले में कथित भागीदारी के लिए गृह मंत्रालय के आदेश को चुनौती देने वाली विदेशी नागरिकों द्वारा दायर याचिकाओं के एक बैच पर सुनवाई कर रही है। इन याचिकाकर्ताओं में मौलाना आला हदरामी और कई अन्य शामिल हैं।
गौरतलब है कि इस साल मार्च में निज़ामुद्दीन मरकज में भाग लेने के लिए दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा द्वारा लगभग 900 विदेशी नागरिकों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। निज़ामुद्दीन मरकज कथित तौर पर मार्च 2020 में देश भर में फैले कोरोनावायरस का एक केंद्र बन गया था।