सोनिया के पत्र के जवाब में संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी के पत्र पर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने निशाना साधा। जोशी पर भरमाने का आरोप लगाते हुए रमेश ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, आपकी समेत पूर्वी की सरकारों ने संविधान दिवस, भारत छोड़ो आंदोलन दिवस और इस तरह के अन्य मौकों पर विशेष सत्र बुलाए तो उनका एजेंडा पहले से पता रहता था। मोदी सरकार नियमित रूप से संसद का अपमान करती है।
उन्होंने कहा कि 30 जून, 2017 की मध्यरात्रि में विशेष सत्र बुलाया गया था तब सबको पात था कि यह जीएसटी को लागू करने के लिए है। 2008 में यूपीए -1 सरकार से वामदलों के समर्थन वापस लेने पर विशेष सत्र बुलाया गया था। उन्होंने कहा कि सदन की विशेष बैठकों के एजेंडे के बारे में भी सदस्यों को पहले से पता रहता था।
प्रधानमंत्री दहशत में और थके हुए
इससे पहले, पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में रमेश ने कहा कि पीएम मोदी थके हुए हैं और विपक्षी गठबंधन इंडिया के गठन के बाद से वह दहशत में आ गए हैं। वह थके हुए हैं। इंडिया के सामने आने के बाद से ही उन्होंने एनडीए में दोबारा जान डालने की कवायद शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि नौ साल के बाद प्रधानमंत्री अत्यधिक डरे हुए हैं।
संसद के विशेष सत्र का बहिष्कार करने की बजाय शामिल होने के लिए तैयार कांग्रेस
संसद के विशेष सत्र पर कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने पार्टी की तरफ से एक अहम जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि पार्टी संसद के विशेष सत्र का बहिष्कार करने की बजाय शामिल होने के लिए तैयार है। जयराम रमेश ने कहा, 'हमने संसद के विशेष सत्र का बहिष्कार नहीं करने का निर्णय लिया है। यह हमारे लिए एक मौका है, कि हम जनता की परेशानियों को सभी के सामने रखे। हर पार्टी अलग-अलग मुद्दे को सामने रखने की कोशिश करेगी।'
उन्होंने आगे कहा, विपक्ष के बिना चर्चा किए संसद का विशेष सत्र बुलाया गया, इस पर सोनिया गांधी ने पीएम मोदी को पत्र भी लिखा है। किसी को भी इसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी। पहली बार ऐसा हो रहा है कि हमारे पास एजेंडे का कोई विवरण नहीं है। पार्टी ने यह फैसला मंगलवार को सोनिया गांधी की अध्यक्षता में संसदीय दल की बैठक और फिर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर INDIA गठबंधन के नेताओं की बैठक के बाद लिया।