आमतौर पर बस प्रतीक्षालय के बारे में सोचने पर मन में एक धूल भरी जगह का ख्याल आता है, जहां कंक्रीट की छत वाला एक कमरा और एक-दो बैठने की कुर्सियां होती हैं। इसके अलावा, प्रतीक्षालय की छत से टपकता पानी और शौचालय की दुर्गति ये कुछ चीजें हैं, जिन्हें अक्सर बस प्रतीक्षालय में देखा जाता है।
शायद ही ऐसा बस प्रतीक्षालय नजर आता हो जिसमें सभी सुविधाएं हों। लेकिन केरल के कोच्चि में स्थित एक ऐसा बस प्रतीक्षालय बनाया गया है, जो सभी सुविधाओं से लैस है। ऐसा प्रतीक्षालय देश में कम ही देखने को मिलता है।
एर्नाकुलम से कांग्रेस सांसद हिबी ईडन ने एक ऐसे बस प्रतीक्षालय का निर्माण करवाया है, जिसमें बच्चों को दूध पिलाने वाला कमरा, एक शौचालय, टीवी, सीसीटीवी कैमरा और विकलांग लोगों को चढ़ने के लिए रैम्प की व्यवस्था की गई है।
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एक ट्वीट में, सांसद ने कहा कि उन्होंने इस प्रतीक्षालय का निर्माण पिछले साल के एमएलए फंड से करवाया है। ईडन पिछले साल लोकसभा चुनाव जीतने से पहले 2011-2019 तक एर्नाकुलम से विधायक थे। उन्होंने कलूर में बस स्टैंड की तस्वीरें और इसकी सुविधाएं साझा कीं जिन्हें सोशल मीडिया पर सराहा गया है। कई कंपनियों और शॉपिंग मॉल के साथ कलूर कोच्चि का एक डाउनटाउन क्षेत्र है।
इस बस प्रतीक्षालय का निर्माण 176 वर्ग फुट क्षेत्र में किया गया है। इसमें बाहर बैठने की सुविधा के साथ-साथ बच्चों को दूध पिलाने और खाना खिलाने के लिए एक कमरा भी बनाया गया है। इस प्रतीक्षालय को एक प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट द्वारा बनाई गई तस्वीरों से सजाया गया है।
ईडन का कहना है कि बस प्रतीक्षालय का निर्माण कराने का विचार महिलाओं, विशेषकर छात्रों से बड़ी संख्या में अनुरोध के बाद आया। उन्होंने बताया कि ये लोग अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित थे। उन्होंने कहा कि कलूर बस स्टैंड में बड़ी जगह थी, लेकिन यह सुरक्षित नहीं था। एक कुआं भी था, जिसे बंद नहीं किया गया है, लेकिन अब प्रतीक्षालय को सुरक्षित बना दिया है।
यह पहला बस स्टैंड नहीं है जिसे सांसद ने पुनर्निर्मित किया है। जब वह एक विधायक थे, तो कई बस स्टैंड को चार्जिंग यूनिट, म्यूजिक सिस्टम और सौर ऊर्जा वाली सुविधाओं से लैस किया गया। लेकिन शौचालय और सुरक्षा की मांग को देखते हुए, कलूर बस स्टैंड का नवीनीकरण किया गया।
बस स्टैंड के बाहर लगा सीसीटीवी कैमरा इसे अधिक सुरक्षित बना देते हैं। ईडन का कहना है कि वे रखरखाव के लिए कोच्चि नगर निगम को प्रतीक्षालय सौंपने की कोशिश कर रहे हैं।