पंजाब और राजस्थान के प्रभारी भी बदलेंगे, दिल्ली में भी होगा खेल
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अनिल चौधरी कोई नया पैंतरा नहीं चल पा रहे हैं। इसकी चिंता दिल्ली के कांग्रेसियों को है। राजस्थान के प्रभारी अजय माकन भी दिल्ली में राजनीति के लिए बेताब हैं। दूसरे अजय माकन राजस्थान में अशोक गहलोत और सचिन पायलट के खेमे में समन्वय बिठा पाने में भी सफल नहीं हो पाए थे। माना जा रहा है कि माकन से राजस्थान का प्रभार लिया जा सकता है। उन्हें कोई और जिम्मेदारी दी जा सकती है। अनिल चौधरी के ऊपर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। लेकिन जयप्रकाश अग्रवाल के लिए अच्छी खबर है। वह पंजाब के प्रभारी हरीश रावत का स्थान ले सकते हैं।
हरीश रावत को मिल सकता है उत्तराखंड में अवसर
हरीश रावत का मन पंजाब में नहीं लग रहा है। कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के मुद्दे ने शांत, सरल, सहज तरीके से राजनीति करने वाले हरीश रावत को खाफी खिन्न कर दिया था। एक बार तो उनकी भूमिका केवल संदेशवाहक की हो गई थी। खैर, हरीश रावत ने खुद ही कांग्रेस अध्यक्ष से पंजाब के प्रभार से मुक्त करने की गुजारिश की थी। इसकी पूरी संभावना है कि जल्द उनकी इच्छा पूरी हो सकती है। हरीश रावत उत्तराखंड में अगली पारी खेलने के उत्सुक हैं। रावत को लग रहा है कि चार महीने के भीतर दो मुख्यमंत्री बदल देने वाली भाजपा में कुछ ठीक नहीं चल रहा है। अब इंदिरा हृदयेश भी नहीं रहीं। रावत के अधिकांश विरोधी कांग्रेसी अब भाजपा की सरकार में मंत्री हैं। दूसरे राज्य की जनता मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अंदाज से खुश नहीं हैं। ऐसे में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की सरकार बनने के पूरे आसार हैं। हरीश रावत इसका पूरा लाभ लेना चाहते हैं।