सोमवार को कांग्रेस स्थापना दिवस समारोह में कांग्रेस के नेताओं ने शिवसेना पर जमकर हमला बोला। कांग्रेसनीत यूपीए और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर शिवसेना के बयान पर कड़ी नाराजगी जताई गई और ताकीद की गई कि यूपीए और कांग्रेस नेतृत्व पर शिवसेना को बोलने का कोई अधिकार नहीं है। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी एचके पाटिल ने कहा कि शिवसेना कभी यूपीए की वफादार नहीं रही है। शिवसेना को यूपीए के बारे में राय देने का अधिकार किसने दिया है।
सोमवार को यशवंतराव चव्हाण प्रतिष्ठान में कांग्रेस स्थापना दिवस समारोह के दौरान मुंबई कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष अशोक (भाई) जगताप व कार्याध्यक्ष चरणजीत सप्रा ने पदभार ग्रहण किया। इस मौके पर कांग्रेस नेता शिवसेना पर जमकर बरसे। प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष व पूर्व मंत्री नसीम खान ने कहा कि कांग्रेस किसके साथ चुनाव लड़ेगी, इसका फैसला शिवसेना नहीं कर सकती है। पार्टी कार्यकर्ता सोनिया-राहुल पर अंगुली उठाने वालों को करारा जवाब देंगे।
उन्होंने कहा कि यूपीए की नेता सोनिया गांधी हैं और रहेंगी। नसीम खान ने कहा कि कांग्रेस अपने बल पर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की सभी 227 सीटों पर चुनाव लड़कर बीएमसी मुख्यालय पर तिरंगा लहराएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने भाजपा को रोकने के लिए न्यूनतम साझा कार्यक्रम के तहत शिवसेना को समर्थन दिया था। लेकिन अब हमारी पार्टी के नेताओं को तोड़ा जा रहा है। यहां तक कि कांग्रेस विधायकों को निधि भी नहीं मिल पा रही है।
बीएमसी चुनाव अपने दम पर लड़ेगी कांग्रेस: भाई जगताप
मुंबई कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष भाई जगताप ने अगले साल बीएमसी चुनाव जीतने का संकल्प किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस राज्य की महाविकास आघाड़ी सरकार में शामिल है लेकिन बीएमसी चुनाव अपने दम पर लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं में उत्साह है। हालांकि भाई जगताप ने यह भी स्पष्ट किया कि महाविकास आघाड़ी सरकार को कोई खतरा नहीं है।
न हम कमजोर न हमें शिवसेना की सलाह चाहिए: पाटिल
महाराष्ट्र कांग्रेस प्रभारी एचके पाटिल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कांग्रेस कमजोर नहीं है। शिवसेना की हमें सलाह की जरूरत नहीं है। पाटिल ने कहा, शिवसेना यूपीए का हिस्सा नहीं है। वे कभी यूपीए के वफादार नहीं रहे हैं। शिवसेना को ऐसी भाषा बोलने की जरूरत नहीं थी। उन्होंने कहा कि यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व पर कोई सवाल नहीं खड़ा कर सकता।