क्या रहे चुनाव परिणाम?
कांग्रेस के लिए बीता कुछ समय मुश्किलों भरा रहा है। 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को दिल्ली में एक भी सीट पर सफलता नहीं मिली है। यही कारण है कि इस समय उसे दिल्ली की चुनावी पिच पर कमजोर माना जा रहा है। लेकिन पार्टी में उत्साह भरने के लिए यह आंकड़ा पर्याप्त है कि पिछले चुनाव में हार के बाद भी पांच सीटों पर उसके उम्मीदवार दूसरे नंबर पर रहे थे। जबकि दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी दो ही सीटों पर दूसरे नंबर पर स्थान बनाने में सफल हो पाई थी।
आम आदमी पार्टी के राजनीतिक उदय के पहले यानी 2004 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने दिल्ली की सात में से छह सीटों पर जीत हासिल की थी, जबकि 2009 में उसने सभी सातों सीटों पर कब्जा जमा लिया था। आम आदमी पार्टी के द्वारा उसके मतदाता वर्ग को हथियाने के बाद कांग्रेस कमजोर हो गई।