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सियासत: कांग्रेस को दिख रही मजबूत 'राजनीतिक ज़मीन', प्रियंका आईं फ्रंट फुट पर

Wed, 26 May 2021 04:09 PM IST
Harendra Chaudhary आशीष तिवारी, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने शुरू किया 'जिम्मेदार कौन' अभियान। प्रियंका गांधी ने इस अभियान में केंद्र सरकार से पूछे हैं बहुत ही तीखे सवाल और मांगे हैं उनके जवाब। आगामी कई राज्यों के होने वाले चुनावों के चलते कांग्रेस के तेवर हुए सख्त...
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प्रियंका गांधी वाड्रा - फोटो : PTI (फाइल फोटो)
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विस्तार
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इसे चुनावी सरगर्मी कहें या कुछ और लेकिन कांग्रेस जिस तरीके से बीते कुछ दिनों में योगी मोदी सरकार पर हमलावर हो रही है उससे एक बात तो तय है कि इस बार होने वाले चुनाव में कांग्रेस का पलड़ा भारी होने वाला है। खास तौर पर राहुल गांधी से ज्यादा प्रियंका गांधी जिस तरीके से सोशल मीडिया से लेकर जमीन पर एक्टिव हैं उससे कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में ना सिर्फ उत्साह बढ़ा है बल्कि उनकी किसी भी मुहिम को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत भी हैं।

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शायद यही वजह है कि केंद्र में भाजपा-गठबंधन सरकार के सात साल पूरे होने के बाद यह पहला मौका होगा जब कांग्रेस सबसे ज्यादा आक्रामक तरीके से केंद्र सरकार की नीतियों के पीछे पड़ गई है। प्रियंका गांधी ने अपने अभियान 'जिम्मेदार कौन' के माध्यम से ना सिर्फ केंद्र सरकार को घेरा है बल्कि राज्य सरकार को भी घेरा है। चुनावी विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले वक्त में जिस तरीके से मैदान में भी उतर कर माहौल बनाएगी।

बीते कुछ समय से कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी लगातार केंद्र और राज्य सरकारों पर हमलावर हैं। खासतौर से प्रियंका गांधी कोरोना काल में मरीजों के सामने आने वाली परेशानियों को लेकर फ्रंट फुट पर लगातार बैटिंग कर रही हैं। प्रियंका ने न सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि केंद्र सरकार से भी सवालों की झड़ी लगाकर मरीजों की होने वाली परेशानियां और देश में होने वाली लगातार मौतों पर घेरना शुरू कर दिया। इस बार प्रियंका गांधी ने मोदी सरकार पर सीधा हमला करते हुए "जिम्मेदार कौन" अभियान के नाम से सरकार से सवालों की झड़ी लगानी शुरू कर दी है। प्रियंका गांधी का कहना है कि यह सवाल जनता के हैं और इन जनता के सवालों का जवाब केंद्र सरकार को देना ही होगा।

राजनीतिक विश्लेषक और दिल्ली विश्वविद्यालय में राजनीति शास्त्र के प्रोफेसर आनंद मणि कहते हैं, विपक्ष जब सवाल तार्किकता के साथ पूछे तो निश्चित तौर पर सत्तापक्ष के लिए जवाब देना मुश्किल हो जाता है। प्रोफेसर आनंद मणि का कहना है कि बीते कुछ समय से उन्होंने देखा है कि प्रियंका गांधी और कांग्रेस लगातार भारतीय जनता पार्टी पर हमलावर हो रही हैं और सबसे ज्यादा जो सवाल पूछे जा रहे हैं वह बहुत ही तार्किक हैं। पूछे जाने वाले सवालों की तार्किकता इसलिए ज्यादा वजनदार हो जाती है क्योंकि उनकी अपनी बात उठाने वाला कोई जनप्रतिनिधि सत्तापक्ष से सवाल करता है। प्रियंका गांधी के इस बार उठाए गए सारे सवालों को आनंदमणि तार्किक मानते हैं वह कहते हैं कि इन सवालों के जवाब निश्चित तौर पर केंद्र को देने चाहिए। उनका कहना है कि लोकतंत्र में सवाल-जवाब का होना बहुत ही स्वस्थ परंपरा है।
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता का कहना है कि उत्तर प्रदेश समेत ज्यादातर राज्यों में जहां अगले साल चुनाव होने हैं उनमें कुछ राज्यों में जनता की आवाज उठाने वाला कोई नहीं है। उनका कहना है प्रियंका गांधी ने जिस आक्रामक तरीके से अपनी रणनीति बनाई है और लॉकडाउन के दौरान जिस तरीके से सोशल मीडिया के माध्यम से वह जन-जन तक पहुंच रही हैं जनता में उनमें एक भरोसा जाग रहा है। हालांकि उक्त नेता का कहना है कि इसमें कोई राजनीति नहीं बल्कि जनता के असल मुद्दे हैं जिसमें सत्तापक्ष पूरी तरीके से नाकाम हो चुका है। वे कहते हैं कि इस नाकामी में जनता उनके साथ लगातार जुड़ती जा रही है। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अगले साल होने वाले कई राज्यों के चुनावों में राजनीतिक जमीन तलाश करने के लिए कांग्रेस ने अभी से बैटिंग करनी शुरू कर दी है। खासतौर से लंबे समय से मांग की जा रही थी प्रियंका गांधी मैदान में उतरें और प्रियंका गांधी ने आखिरकार मोर्चा संभाल लिया।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ता लखनऊ महानगर के पूर्व अध्यक्ष मुकेश कहते हैं प्रियंका गांधी ने जो सवाल उठाए हैं उसकी जिम्मेदारी सत्ता पक्ष को तो लेनी ही होगी। मुकेश के मुताबिक प्रियंका गांधी के "जिम्मेदार कौन" अभियान को वे लोग प्रदेश की राजधानी से लेकर जिलों, तहसीलों, ब्लॉक और ग्रामीण स्तर तक पर लेकर जाएंगे। कांग्रेसी नेताओं का कहना है कि जो सवाल प्रियंका गांधी पूछ रही हैं वह केंद्र सरकार के लिए मुसीबत हैं। क्योंकि केंद्र सरकार की लापरवाही की वजह से ही देश में कोरोना की तबाही आई। प्रियंका गांधी ने भी अपने सवालों में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछा है कि जब जरूरत देश को ज्यादा से ज्यादा वैक्सीनेशन की जरूरत थी तो कम वैक्सीन का आर्डर क्यों किया गया। सवाल यह भी है कि विदेश को क्यों वैक्सीन भेजी गईं, वह भी तब जब पूरी दुनियाभर में भारत सबसे ज्यादा वैक्सीन का उत्पादन करता है।
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