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चिदंबरम बोले: 'अबाइड विद मी' भजन को हटाने का फैसला दुखद, केंद्र सरकार ने लोगों की संवेदनाओं को आहत किया

Sun, 23 Jan 2022 03:36 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी

सार

भारतीय सेना की ओर से शनिवार को जारी किए एक ब्रोशर में बताया गया था कि इस साल के समारोह का समापन 'सारे जहां से अच्छा' के साथ होगा।
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पी चिदंबरम - फोटो : पीटीआई (फाइल)
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विस्तार
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केंद्र सरकार ने इस साल बीटिंग रिट्रीट समारोह से महात्मा गांधी के पसंदीदा भजन 'अबाइड विद मी' को हटाने का फैसला किया है। इस निर्णय पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने आपत्ति जताते हुए कहा है कि सरकार के इस कदम ने लोगों की सोच और संवेदनशीलता को पीड़ा पहुंचाई है। चिदंबरम ने गोवा में मीडिया से बात करते हुए कहा कि अबाइड विद मी महात्मा गांधी का पसंदीदा भजन था। 1950 में एक गणतंत्र बनने के बाद से हमेशा बीटिंग रिट्रीट समारोह इसकी धुन पर पूरा होता आया है।

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यह भजन स्कॉटिश एंग्लिकन कवि और भजन विज्ञानी हेनरी फ्रांसिस लायट ने साल 1847 में लिखा था। यह देश की बीटिंग रिट्रीट समारोह का साल 1950 से हिस्सा बनता आ रहा था। लेकिन, भारतीय सेना ने शनिवार को इस साल इसे हटाने का एलान किया था। इस साल के समारोह के लिए इस भजन के स्थान पर लोकप्रिय देशभक्ति गीत 'ऐ मेरे वतन के लोगों' को रखा जाएगा। इसकी रचना कवि प्रदीप ने 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान भारतीय सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान की स्मृति में की थी।

धर्मनिरपेक्ष बन चुके भजन को हटाना दुखद
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह बेहद दुखद है कि एक ईसाई भजन को, जो अब एक ईसाई भजन न होकर धर्मनिरपेक्ष भजन बन चुका है, गणतंत्र दिवस परेड से हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह दुखद है कि सरकार ने यह फैसला भारत की स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में लिया। चिदंबरम ने कहा, 'इसने बहुत सारे विचारशील और संवेदनशील लोगों को आहत किया है।' बीटिंग रिट्रीट एक सदियों पुरानी सैन्य परंपरा है जो उन दिनों से चली आ रही है जब सूर्यास्त के समय सैनिक युद्ध से अलग हो जाते थे।
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इस साल विजय चौक पर समारोह में 26 धुनें बजाई जाएंगी। इनमें 'हे कांचा', 'चन्ना बिलौरी', 'जय जन्म भूमि', 'नृत्य सरिता', 'विजय जोश', 'केसरिया बन्ना', 'वीर सियाचिन', 'हाथरोई', 'विजय घोष', 'लड़ाकू', 'स्वदेशी', 'अमर चट्टान', 'गोल्डन एरो', और 'स्वर्ण जयंती', 'वीर सैनिक', 'बगलरों की धूमधाम', 'आईएनएस इंडिया', 'यशस्वी', 'जय भारती', 'केरल', 'सिकी ए मोल', 'हिंद की सेना', 'कदम कदम बढ़ाए जा', 'ड्रमर कॉल', 'ऐ मेरे वतन के लोगों' उन धुनों में हैं जिन्हें 29 जनवरी की शाम को बजाया जाएगा।

गोवा चुनाव पर भी बोले
चिदंबरम ने कहा कि गोवा में अगले महीने होने जा रहे विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन करने के तृणमूल कांग्रेस के प्रस्ताव पर विचार नहीं किया गया, क्योंकि ममता बनर्जी की अध्यक्षता वाली पार्टी राज्य में कांग्रेस नेताओं को अपने पाले में करने की कवायद में जुट गई। चिदंबरम ने कहा कि उन्होंने यहां तक गठबंधन की पेशकश के बाद लुइजिनो फलेरियो को अपने पाले में ले लिया। उन्होंने एलिक्सो रेजिनाल्डो लॉरेंको को अपने दल में शामिल कर लिया जिनका नाम पार्टी द्वारा जारी प्रत्याशियों की सूची में शामिल था। उन्होंने अन्य निर्वाचन क्षेत्रों जैसे मर्मुगाव और वास्को में भी घुसपैठ की। हालांकि, चिदंबरम ने इन दो निर्वाचन क्षेत्रों के किसी नेता का नाम नहीं लिया।

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