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Politics: 'संसद की बहस में जाति को बीच में लाना निराशाजनक', धनखड़ की मिमिक्री मामले पर चिदंबरम का पलटवार

Fri, 22 Dec 2023 02:36 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पूर्व केंद्रीय मंत्री चिदंबरम ने शुक्रवार को कहा कि यह बेहद निराशाजनक है कि संसद में गंभीर बहस के दौरान जाति का उल्लेख किया जा रहा है। इसके अलावा उन्होंने लोगों से 21वीं सदी में छोटी सोच से आगे बढ़ने का आग्रह किया। 
 
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P Chidambaram - फोटो : Social Media
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विस्तार
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तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद द्वारा राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ की नकल किए जाने के मामले में सियासत गरमा गई है। सभापति के अपमान के विरोध में भाजपा लगातार विपक्षियों पर निशाना साध रही है। हालांकि, इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने इस बात पर अफसोस जताया कि संसद में महत्वपूर्ण विषय पर हो रही बहस में जाति को बीच में लाया गया। 

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पूर्व केंद्रीय मंत्री चिदंबरम ने शुक्रवार को कहा कि यह बेहद निराशाजनक है कि संसद में गंभीर बहस के दौरान जाति का उल्लेख किया जा रहा है। इसके अलावा उन्होंने लोगों से 21वीं सदी में छोटी सोच से आगे बढ़ने का आग्रह किया। 

यह है मामला
गौरतलब है, 19 दिसंबर को विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन के दौरान तृणमूल कांग्रेस के निलंबित सांसद कल्याण बनर्जी उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की नकल करते दिखे थे। वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस नेता राहुल गांधी बनर्जी का वीडियो बनाते दिखाई दिए थे। इस पर राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने तृणमूल सांसद की आलोचना की थी। नाराज धनखड़ ने कहा था कि यह शर्मनाक, हास्यास्पद, अस्वीकार्य है कि एक सांसद मजाक उड़ा रहा है और दूसरा सांसद उस घटना की वीडियोग्राफी कर रहा है। उन्होंने सदन में मौजूद पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम से कहा था कि आप कल्पना कीजिए कि मेरे मन में क्या चल रहा होगा यह देखकर कि जब  सभापति का मजाक उड़ाया जा रहा था तो आपके नेता इसका वीडियो बना रहे थे।
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धनखड़ ने कहा था, 'मुझे परवाह नहीं है कि आप जगदीप धनखड़ का कितना अपमान करते हैं। पर मैं भारत के उपराष्ट्रपति, किसानों और अपने समुदाय का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकता।' 

यह निराशाजनक है
इस बयान पर चिदंबरम ने कहा कि यह निराशाजनक है कि एक महत्वपूर्ण विषय पर हो रही बहस में 'जाति' को बीच में लाया जाता है। यह भी निराशाजनक है कि किसी व्यक्ति के 'जन्म स्थान' का इस्तेमाल व्यक्ति की आलोचना करने के लिए एक तर्क के रूप में किया जाता है।

मुझे याद नहीं कि किसी ने...
चिदंबरम ने कहा, 'मुझे याद नहीं कि किसी ने महात्मा गांधी या सरदार वल्लभभाई पटेल की जाति या सीएफ एंड्रयूज या एनी बेसेंट के जन्म स्थान के बारे में पूछा हो। क्या हम इन छोटी बातों से आगे बढ़ सकते हैं और 21वीं सदी में मानवता के मानदंडों और मूल्यों को अपना सकते हैं।'

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