कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे
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कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को कहा कि सभी विपक्षी दलों को भाजपा के खिलाफ एकजुट होकर लोगों को उसके उत्पीड़न से मुक्ति दिलानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि हमारी पार्टी ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती से उत्तर प्रदेश में गठबंधन का नेतृत्व करने के लिए संपर्क किया था, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
खड़गे ने कहा कि महंगाई के चलते लोग बहुत परेशान हैं। नौकरियां नहीं हैं और आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) सभी संवैधानिक संस्थानों पर कब्जा करता जा रहा है। इस स्थिति में सवाल यह है कि हमारे लोकतंत्र का क्या होगा और बाबा साहेब आंबेडकर के संविधान की सुरक्षा कौन करेगा। भाजपा के खिलाफ इस लड़ाई में सभी विपक्षी दलों को एक साथ आना चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा की दमनकारी नीतियों से सबसे ज्यादा प्रभाव महिलाओं, दलितों, अल्पसंख्यकों और शोषितों पर पड़ रहा है। खड़गे ने कहा कि कांग्रेस ने इसे लेकर कई प्रयास किए और मायावती से अनुरोध किया कि वह हमारे साथ आएं और उत्तर प्रदेश में भाजपा के खिलाफ गठबंधन का नेतृत्व करें। लेकिन जो भी कारण रहा हो, उन्होंने ऐसा नहीं किया।
मायावती ने साधा राहुल गांधी पर निशाना
खड़गे ने राहुल गांधी के एक दिन पहले दिए गए बयान का समर्थन किया। राहुल गांधी ने कहा था कि मैंने मायावती से गठबंधन के लिए संपर्क किया था और यहां तक कि उन्हें मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनने की पेशकश भी की थी। लेकिन, उन्होंने इस पर कभी कोई जवाब नहीं दिया। हालांकि, बसपा प्रमुख मायावती ने कांग्रेस पार्टी के इस दावे से साफ इनकार किया है।
राहुल गांधी के इस बयान पर मायावती ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता को अन्य पार्टियों की चिंता करने के स्थान पर पहले अपने घर में व्यवस्था दुरुस्त करनी चाहिए। बसपा प्रमुख ने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी ने जो भी आरोप लगाए वह पूरी तरह गलत हैं और उनकी पार्टी की जातिवादी मानसिकता का प्रदर्शन करते हैं।