कांग्रेस के अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले पार्टी के लिए अब तक क्या-क्या बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं? कांग्रेस में कैसे नेता आपस में ही उलझ रहे हैं? उनके कैडर कैसे अलग-अलग राज्यों में उनके समर्थन या विरोध में उतर आए हैं? कांग्रेस के लिए सबसे ताजा विवाद किस बात पर उभरा है? आइये जानते हैं...
कांग्रेस में अध्यक्ष पद का चुनाव अगले महीने होना तय है। पार्टी ने इन चुनावों के एलान के पहले उम्मीद जताई थी कि इससे कांग्रेस के अंदर जारी अंदरूनी कलह को खत्म करने में मदद मिलेगी। कांग्रेस आलाकमान का अनुमान यह भी था कि इन चुनावों के जरिए उसे अपने शासन वाले राज्यों- राजस्थान और छत्तीसगढ़ को साधने में मदद मिलेगी। क्योंकि अध्यक्ष पद के लिए इन दोनों ही राज्यों के मुख्यमंत्रियों की ओर से दावेदारी पेश करने का अनुमान लगाया गया था। हालांकि, कांग्रेस की मुश्किलें बीते दिनों में कम होने के बजाय और ज्यादा बढ़ गई हैं। वह भी सिर्फ गहलोत की ओर से दावेदारी पेश किए जाने के बाद।
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कांग्रेस के अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले पार्टी के लिए अब तक क्या-क्या बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं? कांग्रेस में कैसे नेता आपस में ही उलझ रहे हैं? उनके कैडर कैसे अलग-अलग राज्यों में उनके समर्थन या विरोध में उतर आए हैं? कांग्रेस के लिए सबसे ताजा विवाद किस बात पर उभरा है? आइये जानते हैं...
अध्यक्ष पद के चुनाव के एलान के बाद से कांग्रेस में क्या-क्या हुआ?
कांग्रेस में थरूर बनाम गहलोत की तरफ बढ़ता अध्यक्ष पद का मुकाबला।
- फोटो : अमर उजाला।
सिर्फ गहलोत ने पेश की दावेदारी
कांग्रेस में अध्यक्ष पद के चुनाव के एलान के बाद से ही अनुमानों और अटकलों का दौर जारी है। जहां पहले पार्टी अध्यक्ष के लिए कई नेताओं के खड़े होने के अनुमान लगाए जा रहे थे, वहीं अब यह रेस सिमटती दिख रही है। अब तक सिर्फ गांधी परिवार के विश्वासपात्र और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ही आधिकारिक तौर पर अध्यक्ष पद के लिए खड़े होने का एलान किया है। दबे-छिपे कुछ हलकों से शशि थरूर की ओर से भी दावेदारी पेश करने की बात सामने आई है। लेकिन आधिकारिक तौर पर उन्होंने इसका एलान नहीं किया है। इसके अलावा मनीष तिवारी और कमलनाथ के अध्यक्ष पद के लिए खड़े होने की खबरें सामने आई हैं। लेकिन गहलोत की ओर से इस पद के लिए खड़े होने की खबरों के बाद अब तक कोई दावा नहीं किया गया है।
नेताओं में दिखे विवाद
सचिन पायलट-अशोक गहलोत (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
कांग्रेस में अध्यक्ष पद के चुनाव के एलान के बावजूद कुछ अंदरूनी विवाद देखने को मिले हैं। खासकर गहलोत और थरूर की ओर से दावेदारी पेश करने की अटकलों के बाद इन्हीं नेताओं को लेकर काफी कुछ कहा-सुना गया है।
1. राजस्थान में गहलोत पर
राजस्थान में सबसे पहले गहलोत की उम्मीदवारी को लेकर 'एक व्यक्ति, एक पद' के मुद्दे पर विवाद छिड़ गया है। दरअसल, जब गहलोत ने दावेदारी को लेकर एलान भी नहीं किया था, तभी सचिन पायलट ने साफ कर दिया था कि पूरी पार्टी में 'एक व्यक्ति, एक पद' का नियम लागू है। उनका निशाना राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ही थे, क्योंकि उनके अध्यक्ष बनने के बाद राजस्थान का सीएम पद सचिन पायलट के पास जाना लगभग तय है।
शशि थरूर
- फोटो : self
2. केरल में थरूर पर
दूसरी तरफ थरूर की ओर से दावेदारी पेश किए जाने से जुड़े कुछ बयानों के बाद उनके खिलाफ भी कई बयान आए हैं। इनमें सबसे बड़ा बयान केरल कांग्रेस की ओर से ही आया, जिसने उनकी उम्मीदवारी का विरोध किया। सात बार सांसद रहे केरल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कोडिकुन्निल सुरेश ने कहा कि अगर राहुल गांधी अध्यक्ष बनने के इच्छुक नहीं हैं तो गांधी परिवार द्वारा चुने गए नेता को उस पद के लिए दावेदारी पेश करनी चाहिए। केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी और हम सभी की यही इच्छा है। शशि थरूर की उम्मीदवारी पर उन्होंने आगे कहा कि जहां तक थरूर का सवाल है तो चुनाव लड़ने का फैसला उन्होंने खुद लिया है और अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने इस संबंध में पार्टी स्तर पर कोई विचार-विमर्श किया है या नहीं। इसलिए पार्टी अध्यक्ष पद पर शशि थरूर को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
कांग्रेस में ताजा विवाद किस बात पर?
मौजूदा समय में कांग्रेस में विवाद राजस्थान के सीएम पद को लेकर चल रहा है। राहुल गांधी के एक व्यक्ति, एक पद के सिद्धांत का हवाला देते हुए सचिन पायलट ने सीएम पद के लिए दावेदारी पेश की है। वहीं, गहलोत गुट ने पायलट को रोकने के लिए कोशिशें शुरू कर दी हैं। गहलोत समर्थक विधायकों ने कहा है कि सिर्फ अशोक गहलोत ही मुख्यमंत्री बनेंगे, अगर वे इस पद पर नहीं रहे तो सरकार खतरे में आ जाएगी। इतना ही नहीं पार्टी की बैठक में मांग उठी है कि 2020 में बगावत करने वाले 18 विधायकों में से किसी को भी मुख्यमंत्री न बनाया जाए।