कर्नाटक में राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस व जेडीएस आमने सामने आ गए हैं। पूर्व सीएम व कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने जेडीएस विधायकों को सीधे पत्र लिखकर कांग्रेस प्रत्याशी मंसूर अली खान के समर्थन की गुहार लगाई है। इस पर पूर्व सीएम कुमारस्वामी नाराजगी प्रकट करते हुए इसे पार्टी विधायकों को तोड़ने का प्रयास बताया।
जेडीएस नेता कुमारस्वामी ने कहा कि मुझे 32 विधायकों के समर्थन प्राप्त है, ऐसे में नामांकन वापस कैसे लिया जा सकता है? ये लोग (Congress) हमारे विधायकों को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं। मैं समझता हूं कि क्या चल रहा है। वो हमारे विधायकों से संपर्क कर रहे हैं। हम सिर्फ हमारे विधायकों को एकजुट रहने को कह रहे हैं। उन्हें सहमत कर रहे हैं। पूर्व सीएम कुमारस्वामी ने कहा कि यदि उनका इरादा भाजपा को पराजित करने का है तो आओ और बात करो, यह मेरा प्रस्ताव है। यदि आप कर्नाटक में सच में सिस्टम बदलना चाहते हो तो भाजपा को हराने की सोचो।
कर्नाटक में रोचक मुकाबला, चौथी सीट पर तीन दलों में टक्कर
10 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव में कर्नाटक में सबसे रोचक मुकाबला हो रहा है। यहां चार राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होना है। इन चार सीटों के लिए छह उम्मीदवार मैदान में हैं। भाजपा ने तीन, कांग्रेस ने दो और जेडीएस ने एक उम्मीदवार उतारा है। यहां दो सीट भाजपा और एक सीट कांग्रेस को मिलना तय है। चौथी सीट पर भाजपा, कांग्रेस और जेडीएस में टक्कर है।
कांग्रेस के मंसूर खान के जवाब में जेडीएस के रेड्डी
कांग्रेस ने जेडीएस को किनारे करने के लिए मंसूर अली खान को राज्यसभा चुनाव के लिए अपना दूसरा उम्मीदवार खड़ा किया है। वहीं, जेडीएस ने कारोबारी और सामाजिक कार्यकर्ता कुपेंद्र रेड्डी को अपना पहला उम्मीदवार बनाया है। कुमारस्वामी ने कहा कि वह एक अनुभवी राज्यसभा प्रत्याशी हैं और सभी दलों को खुले दिमाग से उनका समर्थन करना चाहिए। धर्मनिरपेक्ष ताकतों को मजबूत करने के लिए कांग्रेस को कुपेंद्र रेड्डी का पूरा समर्थन करना चाहिए।