लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मणिपुर की स्थिति पर केंद्र सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। उन्होंने गुरुवार को कहा कि मणिपुर की स्थिति में आज भी सुधार नहीं हुआ, यह अभी भी दो टुकड़ों में बंटा हुआ है । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने आगे कहा कि पीएम मोदी को राज्य का दौरा कर लोगों की तकलीफ सुननी चाहिए और शांति की अपील करनी चाहिए।
मणिपुर में हिंसा शुरू होने के बाद, मैं तीसरी बार यहां आ चुका हूं, मगर अफसोस स्थिति में कोई सुधार नहीं है - आज भी प्रदेश दो टुकड़ों में बंटा हुआ है।
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घर जल रहे हैं, मासूम ज़िंदगियां खतरे में हैं और हज़ारों परिवार relief camp में जीवन काटने पर मजबूर हैं।
प्रधानमंत्री को मणिपुर खुद… pic.twitter.com/8EaJ2Tn6v8
राहुल गांधी ने आगे कहा कि पीएम मोदी को खुद को मणिपुर आकर यहां के लोगों से बात करनी चाहिए। उनकी तकलीफ सुनने के साथ उनसे शांति बनाए रखने की अपील करनी चाहिए। सोशल मीडिया पर जारी वीडियो के अनुसार, राहुल गांधी ने महिलाओं के एक समूह के समक्ष सवाल किया कि हिंसा क्यों शुरू हुई तो महिलाओं ने बताया कि हिंसा गलतफहमी से शुरू हुई थी। इससे किसी को भी कोई फायदा नहीं हो रहा है।
मणिपुर में एक साल से जारी है हिंसा
मणिपुर में पिछले एक साल से ही हिंसा जारी है। दरअसल, मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा दिए जाने की मांग के विरोध में पिछले साल तीन मई को पर्वतीय जिलों में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के आयोजन के बाद झड़पें शुरू हुई थीं। राज्य में तब से अब तक कम से कम 160 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। हिंसा में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं।
भाजपा ने किया पलटवार
भाजपा ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए पार्टी ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर रोजगार और सरकारी नीतियों के मुद्दों पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया।