कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी (फाइल फोटो)
एससी-एसटी कानून में सुप्रीम कोर्ट के संसोधन को संसद में कानून बनाकर खत्म कर चुकी भाजपा की मुश्किलें बढ़ गई है। एससी-एसटी कानून पर भाजपा के स्टैंड से नाराज सवर्ण जहां उसके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस ने गरीब सवर्णों को दस फीसदी आरक्षण देने का वायदा कर उसकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पार्टी ने गरीब ब्राह्मण छात्रों को स्कालरशिप दिये जाने का भी समर्थन किया है।
कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि ब्राह्मण समाज तमाम मुश्किलों का सामना कर रहा है। युवाओं के पास नौकरी नहीं है और आय का कोई साधन नहीं है। अगर ऐसे में सवर्ण समाज के गरीब छात्रों को स्कालरशिप दिया जाए तो इसमें कुछ भी अनुचित नहीं है।
सिंघवी की टिप्पणी उस घटना के बाद सामने आई है जिसमें कांग्रेस के ही एक अन्य नेता रणदीप सुरजेवाला ने ब्राह्मणों को दस फीसदी आरक्षण देने का समर्थन किया है। रणदीप सुरजेवाला ने हरियाणा के कुरुक्षेत्र में बुधवार को आयोजित एक ब्राह्मण सम्मेलन में कहा कि अगर कांग्रेस की सरकार आती है तो ब्राह्मण कल्याण बोर्ड का गठन किया जाएगा। उन्होंने गरीब सवर्ण छात्रों को चार फीसदी की दर से शिक्षा रिण देने और परशुराम संस्कृत विश्वविद्यालय स्थापित करने का भी वायदा किया है।
दरअसल, ब्राह्मण वोट बैंक परंपरागत तौर पर कांग्रेस के साथ माना जाता था। मंडल दौर के बाद यह वोट बैंक खिसककर भाजपा के खाते में चला गया। माना जाता है कि कांग्रेस पार्टी के उत्तरप्रदेश और बिहार में कमजोर होने के पीछे यह बड़ा कारण है। लेकिन एससी-एसटी मामले पर भाजपा के स्टैंड ने सवर्णों को नाराज कर दिया है।
हालांकि मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को इसी मुद्दे के कारण भारी विरोध झेलना पड़ रहा है। वहीं कांग्रेस अपने इस परंपरागत वोट बैंक को वापस पाने की कोशिश कर रही है। इसी रणनीति के तहत रणदीप सुरजेवाला राहुल गांधी को पहले भी जनेऊधारी हिंदू बता चुके हैं।