केरल कांग्रेस ने अपने एक हालिया सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सोमवार को ईसाई समुदाय से माफी मांगी। दरअसल, पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पोप फ्रांसिस के साथ उनकी हालिया मुलाकात को लेकर कटाक्ष किया था। जिसके बाद राज्य में सियासी विवाद पैदा हो गया था।
कांग्रेस ने एक्स पर अपने आधिकारिक हैंडल से उस पोस्ट को हटा लिया है। पार्टी की केरल इकाई ने अपने एक्स हैंडल पर ताजा पोस्ट में कहा कि अगर उसके पहले पोस्ट से ईसाई धर्मावलंबियों को कोई भावनात्मक या मनोवैज्ञानिक पीड़ा हुई है तो वह उनसे बिना शर्त माफी मांगती है
पार्टी ने एक पोस्ट में स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि राज्य के लोग स्पष्ट रूप से जानते हैं कि किसी भी धर्म, धर्मगुरुओं या प्रतिमाओं का अपमान और निरादर करना कांग्रेस की परंपरा नहीं है। कोई भी कांग्रेस कार्यकर्ता पोप का अपमान करने के बारे में दूर-दूर तक नहीं सोचेगा, जिन्हें दुनियाभर के ईसाई भगवान के समान मानते हैं।
हालांकि, एक पोस्ट में कांग्रेस ने कहा कि पार्टी प्रधानमंत्री मोदी का मखौल उड़ाने में संकोच नहीं करती, जो खुद को भगवान बताकर देश के श्रद्धालुओं का अपमान करते हैं। उसने कहा कि इस तरह से लोग भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन और अन्य की सांप्रदायिक सोच को समझ सकते हैं, जो मोदी के बेशर्म राजनीतिक खेल का मखौल उड़ाने के कांग्रेस के प्रयास को पोप के अपमान के रूप में चित्रित कर रहे हैं।
इस मुद्दे पर विवाद खड़ा करने वाले सुरेंद्रन और अन्य भाजपा नेताओं पर भी कांग्रेस ने निशाना साधा। पार्टी ने कहा कि उनका प्रयास ईसाइयों को ऐसे लोगों के समूह के रूप में नीचा दिखाने का है, जिनमें कोई आत्मसम्मान नहीं है और जो सांप्रदायिक जहर फैलाते हैं। कांग्रेस ने कहा, अगर ईसाई समुदाय के प्रति मोदी और उनके साथियों को सचमुच प्रेम है, तो वे मणिपुर में चर्च जलाए जाने पर चुप क्यों रहे। उन्हें पहले ईसाइयो से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।
केरल भाजपा ने रविवार को प्रदेश कांग्रेस इकाई पर जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी की पोप फ्रांसिस से मुलाकात पर उसके सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर निशाना साधा और आरोप लगाया कि ऐसा प्रतीत होता है कि उसका ‘एक्स’ हैंडल "कट्टरपंथी इस्लामवादियों या अर्बन नक्सल" द्वारा चलाया जा रहा है।