प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'फ्री राशन और फ्री टीके' की घोषणा को चौबीस घंटे भी नहीं बीते थे कि कांग्रेस ने केंद्र को 'मैनिपुलेटिंग कोविड डेथ डाटा' पर घेरना शुरू कर दिया। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा है कि उनको कोविड से हुई मौतों के मामले में छुपाए जा रहे आंकड़ों पर जवाब चाहिए। सिर्फ इसी मामले में ही नहीं बल्कि प्रियंका और राहुल समेत कांग्रेस के कई नेताओं ने केंद्र से सवालों की झड़ी लगा दी है।
कोरोना मामले में केंद्र सरकार अपनी जितनी तैयारियां करती है, उनमें से एक-एक तैयारियों पर कांग्रेस लगातार हमला करती है। अब प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश में और गुजरात में हुई सरकारी दस्तावेजों की मौतों और जारी हुए मृत्यु प्रमाणपत्र पर सवाल उठाये है। प्रियंका गांधी ने दोनों राज्यों में हुई मौतों के 'मैनिपुलेटिंग डाटा' पर सवाल किया है। प्रियंका गांधी कहती हैं कि आखिर सरकारी दस्तावेजों में कम मौतों के बाद भी जारी हुए मृत्यु प्रमाण पत्र बहुत ज्यादा कैसे बने।
प्रियंका गांधी ने इस पर सवाल उठाते हुए न सिर्फ राज्य सरकार बल्कि केंद्र सरकार को घेरा है। बीते कुछ दिनों में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर हैं। आगरा के एक प्राइवेट अस्पताल में ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद कर देने से हुई में 22 मरीजों की मौत के मामले में भी राज्य से लेकर केंद्र सरकार को प्रियंका गांधी ने घेरा है।
आगरा की घटना पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी सीधा सवाल केंद्र सरकार और राज्य सरकार से किया है। राहुल ने कहा भाजपा सरकार में ऑक्सीजन से लेकर मानवता तक की भारी कमी है। इससे पहले राहुल गांधी ने भी केंद्र सरकार पर हमलावर होते हुए मोदी सरकार की प्राइवेट अस्पतालों में फ्री वैक्सीन योजना पर सवाल उठाए।
राजनैतिक विश्लेषक प्रोफेसर रमेश मनचंदा कहते हैं कि बीते कुछ दिनों में इस महामारी के दौरान कांग्रेस ने जिस तरीके से अभियान चलाकर सरकार की खामियों को उजागर किया है वह भले ही आने वाले विधानसभा के चुनाव में वोट बैंक में तब्दील कराने की कोशिश हो, लेकिन विपक्ष का यह सकारात्मक प्रयास राजनीति को जिंदा रखने के लिए ज़रूरी है। वे कहते हैं कि अगर विपक्ष है तो उसको विपक्ष की तरह दिखना भी चाहिए। सरकार की खामियों को उजागर करना और उनको सामने लाकर जनता के बीच में अभियान बनाकर पेश करना विपक्ष का काम है। मनचंदा के मुताबिक कांग्रेस इस वक्त जो कर रही है वह विपक्ष की बेहतरीन जिम्मेदारी के तौर पर सामने आ रहा है।