बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को अमरावती लोकसभा सीट से सांसद और पूर्व अभिनेत्री नवनीत कौर राणा को बड़ा झटका दिया। अदालत ने यह कहते हुए राणा का जाति प्रमाण पत्र रद्द कर दिया कि इसे फर्जी तरीके से हासिल किया गया है। इसके साथ ही अदालत ने राणा पर दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। वहीं, विवादों से इनका नाता नया नहीं है। इस रिपोर्ट में जानिए नवनीत कौर राणा के बारे में...
अमरावती सीट से लोकसभा सांसद नवनीत कौर राणा का जन्म तीन जनवरी 1986 को मुंबई में हुआ था। उन्होंने साल 2011 में विधायक रवि राणा से शादी की थी। शादी के बाद ही नवनीत ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। इससे पहले वो पंजाबी और दक्षिण भारतीय फिल्मों में काम किया करती थीं। नवनीत ने 12वीं तक ही पढ़ाई की और उसके बाद मॉडलिंग में करियर बनाने के लिए पढ़ाई छोड़ दी। कन्नड़ भाषा में बनी फिल्म 'दर्शन' नवनीत कौर की डेब्यू फिल्म थी।
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विवाह के बाद किया राजनीति में पदार्पण
साल 2011 में नवनीत कौर ने विधायक रवि राणा से शादी की और शादी के कुछ समय बाद ही राजनीति में अपना करियर बनाने का फैसला किया। उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव में एनसीपी के टिकट से चुनाव लड़ा लेकिन जीत नहीं पाईं। लेकिन, 2019 के लोकसभा चुनाव में निर्दलीय लड़कर जीत हासिल की और अमरावती की सीट अपने नाम की। इसके बाद कांग्रेस और एनसीपी ने उन्हें समर्थन भी दिया। नवनीत की रवि से मुलाकात योगगुरु रामदेव के आश्रम में हुई थी। दोनों ने सामूहिक विवाह समारोह में शादी की थी।
पांच भाषाएं जानती हैं नवनीत कौर राणा
नवनीत कौर राणा पांच भाषाएं जानती हैं। वह मराठी, पंजाबी, तेलुगू, हिंदी और अंग्रेजी भाषा बोल सकती हैं। नवनीत के पिता सेना में जवान थे और मूल रूप से पंजाब के रहने वाले थे। राणा ने 2019 के आम चुनाव में पूर्व सांसद और शिवसेना नेता अनांदराव अदसुल को हराया था।
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संजय राउत पर भी लगा चुकी हैं आरोप
पिछले महीने फरवरी में नवनीत कौर राणा ने एक एफआईआर दर्ज कराई थी। जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके नॉर्थ एवेन्यू स्थित फ्लैट पर धमकी भरा पत्र मिला। इस पत्र में लिखा हुआ था कि अगर शिवसेना के खिलाफ बोला तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। शिकायत में नवनीत आरोप लगाया था कि यह पत्र शिवसेना के पूर्व सांसद आनंदराव अदसुल और संजय राउत ने भिजवाया है। इससे पहले मार्च में राणा ने आरोप लगाया था कि शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने मुझे लोकसभा की लॉबी में धमकाया था और सदन में महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ बोलने पर जेल में बंद करवाने की धमकी दी थी।