दरअसल, ममता ने मुंबई में कहा था कि अगर सभी क्षेत्रीय दल साथ आ जाएं तो भाजपा को हराया जा सकता है। उन्होंने कांग्रेस पर भाजपा के खिलाफ मैदान छोड़ने का आरोप लगाया था।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की एनसीपी नेता शरद पवार मुलाकात के बाद दिए बयान पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। महासचिव संगठन केसी. वेणुगोपाल का कहना है कि कांग्रेस के बगैर भाजपा को हराना मात्र सपना है। दरअसल ममता बनर्जी का कहना है कि अब यूपीए कहां है। ममता बनर्जी का ये बयान तब आया है जब कांग्रेस और टीएमसी नेताओं के बीच दूरियां तेजी से बढ़ी हैं और टीएमसी कांग्रेस की बैठक से दूरी बनाए हैं।
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दूसरी ओर वेणुगोपाल ने संसद में गतिरोध पर कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार की तानाशाही सभी हदें पार कर गई हैं। यह देश की पहली ऐसी सरकार है जो ना तो सांसदों की बात सुनना चाहती है और ना ही संसद की। जब-जब कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में समूचा विपक्ष कमरतोड़ महंगाई, बेतहाशा बेरोजगारी, डूबती अर्थव्यवस्था, किसान-मज़दूरों की अथाह पीड़ा व दलितों-आदिवासियों व पिछड़ों-अल्पसंख्यकों के अधिकारों के दमन के महत्वपूर्ण मुद्दे उठाता है, उन पर बहस करना चाहता है, तो मोदी सरकार एक सोचे समझे षड्यंत्र के तहत संसद को खुद ही नहीं चलने देती।
इस बीच कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि क्या ममता बनर्जी को नहीं पता यूपीए क्या है? ममता बनर्जी को लगा कि पूरा भारत ममता ममता करना शुरू कर दिया है। भारत का मतलब बंगाल नहीं है और बंगाल का मतलब भारत नहीं है। बंगाल में ममता बनर्जी और भाजपा ने जो सांप्रदायिक खेल खेला था, वह अब उजागर हो रहा है।
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राहुल ने भाजपा को घेरा
इससे पहले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को रेलवे में नौकरी चाहने वालों को अपना समर्थन दिया और उनके प्रति अन्याय को रोकने का आह्वान किया। एक ट्वीट में उन्होंने यह भी दावा किया कि रेलवे में अब नौकरी नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले रेलवे में नौकरी करना सम्मान की बात थी, आज रेलवे में नौकरी नहीं है। जल्द ही रेलवे पहले की तरह नहीं रहेगा। लोगों के साथ अन्याय बंद करो।