भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा
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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने रविवार को कांग्रेस पर कोरोना वायरस (कोविड-19) संकट के दौरान भी ‘तुच्छ राजनीति’ में उलझे होने का आरोप लगाया। भाजपा अध्यक्ष ने कहा, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस के लिए हमेशा देश नहीं बल्कि ‘राजनीति, राजनीति और राजनीति’ ही पहले रही है। यदि आप (कांग्रेस) नहीं जानते कि विपक्ष के तौर पर कैसे व्यवहार करना है तो हमसे थोड़ा ट्यूशन ले लीजिए, हम आपको सिखा देंगे।
नड्डा वीडियो कांफ्रेंस के जरिये कर्नाटक जन संवाद वर्चुअल रैली को संबोधित कर रहे थे। नड्डा ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ लड़ाई के दौरान आगे रहकर देश का नेतृत्व कर रहे हैं और पूरा विश्व इसकी सराहना कर रहा है। उन्होंने मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार के छह सालों की प्रशंसा की और कहा कि छह दशक का अंतर छह साल में ही पूरा कर दिया गया और मोदी के नेतृत्व में दूसरी बार सरकार गठन का पहला ही साल उपलब्धियों से भरपूर रहा है।
नड्डा ने विपक्ष पर हमला बोले हुए कोरोना संकट के दौरान दिखाए आचरण के लिए उसे ‘गैरजिम्मेदार’ घोषित किया। नड्डा ने कहा, मैं बेहद दर्द के साथ कह रहा हूं कि जब पूरा देश कोविड-19 से लड़ रहा था, तो विपक्ष अपनी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये देश को कमजोर करने की रणनीति तैयार कर रहा था। उन्होंने कहा, विपक्ष के तौर पर अपनी लंबी भूमिका के दौरान भाजपा हमेशा संकट के हालातों में किसी बेकार राजनीति में उलझे बिना देश के साथ खड़ी रही।
राहुल पर कसा तंज, कहा कि कांग्रेस के डीएनए बदलाव की करो चिंता
भाजपा अध्यक्ष ने रैली के दौरान कांग्रेस के नेता राहुल गांधी पर भी पूर्व अमेरिकी राजनयिक निकोलस बर्न्स से बातचीत के दौरान किए एक कमेट के लिए तंज कसा। उन्होंने कहा, राहुल को कांग्रेस के ‘डीएनए में बदलाव’ के लिए चिंतित होना चहिए। दरअसल राहुल ने कहा था कि भारत की पहचान रहने वाला खुलेपन और सहनशीलता का डीएनए गायब हो गया है। नड्डा ने राहुल से सवाल पूछा, क्या आप भूल गए हैं? कौन सहनशील रहा है? क्या आपको आपातकाल याद है? उन्होंने कहा, देश के डीएनए के बारे में चिंता मत कीजिए, आपको कांग्रेस के डीएनए में बदलाव की चिंता करनी चाहिए। यदि आप इसे दिमाग में रखेंगे तो ये आपके स्वास्थ्य और देश के राजनीतिक स्वास्थ्य के लिए बेहतर होगा।