केरल भाजपा ने सीपीआईएम को एसडीपीआई के साथ गठबंधन को लेकर घेरा।राज्य भाजपा के प्रमुख के सुरेंद्रन ने कहा कि जिस एसडीपीआई के पार्षद ने बिशप के घर हिंसक प्रदर्शन किया उसी एसडीपीआई के साथ सीपीआईएम ने हाथ मिला लिया, यह राज्य के दमित ईसाई समुदाय के साथ सरकार का अहंकारी व्यवहार था।
पाला बिशप जोसेफ कल्लारंगत के नार्कोटिक जिहाद बयान को लेकर केरल में ईसाई व मुस्लिम समुदाय में बढ़े तनाव को खत्म करने के लिए कांग्रेस ने मंगलवार को केरल सरकार से सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। वहीं, बिशप के बयान का समर्थन करने वाली भाजपा ने ईसाई समुदाय का ध्यान इस तरफ आकृष्ठ किया कि एराट्टूपेट्टा के नगरपालिका चुनाव में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीएफआई) ने गठबंधन किया, जो इस बात का संकेत है कि एलडीएफ और सीपीआईएम आगे भी चरमपंथी समूह का समर्थन जारी रखेंगे। एसडीपीआई पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) का राजनीतिक स्कंध है।
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वहीं, कांग्रेस नेता वीडी सतीसन ने कहा कि जो लोग इस मामले से किसी भी तरह से जुड़े हुए नहीं हैं, वे सोशल मीडिया पर नफरत फैलाकर राज्य के सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ना चाहते हैं। इसके साथ ही उन्होंने केरल की वामपंथी सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में मूक दर्शक बनकर खड़ी है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इस मामले में दोनों पक्षों में टकराव को टालने के लिए मजबूती से काम किया है और इस मसले को खत्म करने में सरकार का पूरा सहयोग करने के लिए तैयार है।
वहीं, केरल में भाजपा के प्रमुख के सुरेंद्रन ने कहा कि जिस एसडीपीआई के पार्षद ने बिशप के घर हिंसक प्रदर्शन किया उसी एसडीपीआई के साथ सीपीआईएम ने हाथ मिला लिया, यह राज्य के दमित ईसाई समुदाय के साथ सरकार का अहंकारी व्यवहार था। पलक्कड में उन्होंने कहा कि वामपंथी पार्टी राज्य के धर्म निरपेक्ष ढांचे के लिए गंभीर खतरा पैदा करने वाली राष्ट्र विरोधी एसडीपीआई के साथ राजनीतिक गठबंधन कर रही है।
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उन्होंने कहा कि जो वामपंथी दल हमेशा धर्मनिरपेक्षता की बातें करती थी, आखिर कैसे ऐसे दल के साथ जुड़ सकती है, जिसने राज्य में कई सांप्रदायिक दंगे भड़काए हों। ईसाई समुदाय और धर्मनिरपेक्ष विचारधारा रखने वाले लोगों को इस पर विचार करना चाहिए।