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Congress Chintan Shivir: पार्टी में गुटबाजी ही असली चिंता, आखिर कैसे मिलकर काम करेंगे कांग्रेसी?

सार

कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के दिल्ली लौटने से पहले पार्टी में बागी सुर शुरू हो गए हैं। पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान सुनील जाखड़ ने कांग्रेस को गुडबाय कह दिया है। उदयपुर में चिंतन कर रहे पार्टी के एक पूर्व महासचिव का कहना है कि इंतजार कीजिए।
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सोनिया गांधी और राहुल गांधी। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की टीम लेकर राजस्थान के उदयपुर में नव संकल्प चिंतन कर रही हैं। चिंतन में चुनौतियों, ज्वलंत मुद्दों, भावी दशा-दिशा पर चर्चा और समाधान के रास्ते तलाशे जा रहे हैं, लेकिन यह चिंतन कांग्रेस के नेताओं की अपने राजनीतिक करियर को लेकर पैदा हो रही चिंता को नहीं दूर कर पा रहा है। 

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के दिल्ली लौटने से पहले पार्टी में बागी सुर शुरू हो गए हैं। पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान सुनील जाखड़ ने कांग्रेस को गुडबाय कह दिया है। उदयपुर में चिंतन कर रहे पार्टी के एक पूर्व महासचिव का कहना है कि इंतजार कीजिए। चिंतन के बाद मुझे लग रहा है कि चिंता करने का भी समय आएगा। सूत्रों का कहना है कि जहां बुखार के दवा की जरूरत है, वहां पेट दर्द की गोली देने का प्रयास हो रहा है।

उत्तर प्रदेश के एक बड़े और पुराने कांग्रेसी नेता ने कहा कि कांग्रेस पार्टी लोकतांत्रिक और महात्मा गांधी, पंडित नेहरू के रास्ते पर चलने वाली पार्टी है। हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती संगठनात्मक सुधार और कांग्रेस पार्टी के भीतर आपसी गलाकाट आपसी गुटबाजी को खत्म करने, एकजुट होकर राजनीतिक अभियान को चलाने की आवश्यकता है। 
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सूत्रों का कहना है कि देखना होगा कि इसे ध्यान में रखकर किस तरह के निर्णय लिए जाते हैं। सूत्र ने कहा कि एक बात साफ है कि जैसे कांग्रेस ने यूपी विधानसभा चुनाव 2022 का सामना किया, उस फॉर्मूले से हटकर चलने में ही भलाई है। ऐसा होने पर ही 2024 के लोकसभा चुनाव और इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों में बेहतर परिणाम आ सकते हैं।

पार्टी को एक सूत्र में बाधने का बीड़ा उठा सकते हैं राहुल गांधी
कांग्रेस पार्टी के नव संकल्प चिंतन शिविर में एक तरफ चर्चा जोरों पर हैं, तो अफवाह और खबरों का बाजार भी गर्म है। हालांकि, एक पूर्व महासचिव का कहना है कि पार्टी में नए पूर्णकालिक अध्यक्ष और अध्यक्ष पद के चुनाव को भी दिशा मिलेगी। रविवार 15 मई को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सीडब्ल्यूसी की बैठक बुलाई है। इसमें आगे की दशा और दिशा को लेकर अहम चर्चा होगी। उम्मीद है कि इसके बाद राहुल गांधी भी पार्टी के नेताओं को संबोधित करेंगे। 

सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस पार्टी में सोनिया गांधी के बाद राहुल गांधी प्रभावी नेता हैं। पार्टी को एक सूत्र में बांधने और पूरे देश में कांग्रेस को मजबूत बनाने की जिम्मेदारी को वह निभाते रहेंगे। सूत्र का कहना है कि इस चिंतन शिविर के बाद पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की जिम्मेदारी बहुत बढ़ जाएगी। नए अध्यक्ष को लेकर पूछे जाने पर सूत्र का कहना है कि अगस्त या सितंबर के पहले सप्ताह तक प्रस्तावित चुनाव में इसका निर्णय हो सकता है।

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