कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की अध्यक्ष पद पर ताजपोशी को लेकर एक बार फिर वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी से अनुरोध कर सकते हैं। कांग्रेस ने 11 जनवरी को जन-वेदना सम्मेलन से पहले राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक भी बुलाई। 8 नवंबर को राहुल की अध्यक्षता में हुई कार्यसमिति की बैठक में एक प्रस्ताव पारित कर राहुल को अध्यक्ष पद सौंपने की मांग उठाई गई थी। तब समिति में मौजूद वरिष्ठ नेताओं ने इसका फैसला सोनिया गांधी पर छोड़ा था।
कांग्रेस में एक गुट लंबे समय से कोशिश कर रहा है कि राहुल को तत्काल अध्यक्ष पद सौंप दिया जाए। राहुल को उपाध्यक्ष बनाने के साथ ही तय हो गया था कि भविष्य में उन्हें अध्यक्ष पद संभालना है। राहुल समर्थक नेताओं का तर्क है कि जब पार्टी से जुड़े अहम फैसले और बैठकें राहुल की अध्यक्षता में हो रही हैं तो उन्हें अध्यक्ष पद सौंपने में अब देर नहीं करनी चाहिए।
वरिष्ठ नेताओं का प्रतिनिधि मंडल इस संबंध में सोनिया गांधी से मिला था और उन्हें कार्यसमिति के फैसले की जानकारी दी थी। सूत्रों के मुताबिक कार्यसमिति की इस बैठक में भी राहुल को लेकर कुछ नेता सोनिया गांधी से बात कर सकते हैं। कार्यसमिति की बैठक में जन-वेदना सम्मेलन और उसके बाद केंद्र सरकार के खिलाफ भविष्य की रणनीति और अभियानों पर चर्चा होनी है। वहीं पांच राज्यों के चुनावों में पार्टी किस तरह की मतदाताओं के सामने जाए उसे लेकर भी चर्चा होनी है।