भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय का महिलाओं को लेकर दिया गया बयान भाजपा के गले की फांस बन गया है। अब कांग्रेस और टीएमसी ने इसे लेकर भाजपा पर हमला बोला है। शनिवार को कांग्रेस ने कहा कि विजयवर्गीय का बयान भाजपा की मानसिकता को दिखाता है। उनके बयान से हर महिला का अपमान हुआ है। वहीं, टीएमसी राज्यसभा सांसद जवाहर सिरकार ने भी इसे पार्टी की छोटी सोच का प्रतीक बताया। इससे पहले, शुक्रवार को विजयवर्गीय ने कहा था कि खराब कपड़ों में महिलाएं शूर्पणखा जैसी दिखती हैं। भाजपा नेता के इसी बयान पर अब रार मची हुई है।
अखिल भारतीय महिला कांग्रेस प्रमुख नेता डिसूजा ने विजयवर्गीय पर बोलते हुए कहा कि उनके बयान केवल उनकी गंदी मानसिकता को दर्शाता है। इससे यह भी साबित होता है कि भाजपा की डिक्शनरी में महिलाओं के सम्मान जैसा कोई शब्द है ही नहीं। डिसूजा ने कहा कि क्या हम तालिबानी शासन में रह रहे हैं कि सरकार महिलाओं को बताए कि क्या पहनना है। क्या खाना है। किससे मिलना है।
महिलाओं का सम्मान भाजपा की डिक्शनरी में नहीं
भाजपा महासचिव विजयवर्गीय इंदौर में एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने कहा था कि लड़कियां खराब कपडों में रामायण की शूर्पणखा की तरह दिखती हैं। इसपर डिसूजा ने कहा कि कैलाश विजयवर्गीय ने जो कहा है, वह देश की हर महिला का अपमान है। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी इस पर चुप रहेंगी। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाते हुए कहा कि इस बयान से दिखता है कि भाजपा को हर दिन महिलाओं के अपमान करने की आदत है। महिलाओं का सम्मान करना उसकी डिक्शनरी में नहीं है। लड़कियों को अपनी भांजी बोलने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान चुप क्यों हैं।
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने आरोप लगाते हुए कहा कि कैलाश जो कह रहे हैं, वह भाजपा के भीतर सूर्पणखा के प्रति प्रेम को दर्शाता है। इसलिए भाजपा के इतने सारे विधायक आपराधिक आरोपों का सामना कर रहे हैं। श्रीनेत ने कहा कि दुष्कर्मियों के भाजपा के साथ संबंध क्यों हैं।
टीएमसी सांसद ने भी साधा निशाना
शनिवार को टीएमसी ने भी भाजपा नेता पर निशाना साधा है। टीएमसी राज्यसभा सांसद जवाहर सिरकार ने कहा कि विजयवर्गीय के बयान पार्टी की छोटी सोच को दिखाती है। भाजपा शासन में भारत पीछे जाता जा रहा है। कपड़े खराब हैं, यह कौन बताएगा। प्रधानमंत्री मोदी के शासन में भारत गर्त में जा रहा है। भाजपा के वरिष्ठ नेता महिलाओं की तुलना राक्षसों से कर रहे हैं।
यह है पूरा मामला
गुरुवार को हनुमान और महावीर जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में विजयवर्गीय ने कहा था कि मैं रात में जब घर जाता हूं, तो रास्ते में शिक्षित युवाओं और बच्चों को नशे में धुत देखता हूं। मेरा मन होता है कि कार से उतरकर उन्हें पांच-सात बार थप्पड़ मारूं। हम महिलाओं में देवी देखते हैं। लेकिन लड़कियां जिस तरह के खराब कपड़े पहनती हैं और घूमती हैं, वे देवी का रूप नहीं बल्कि सूर्पणखा की तरह दिखती हैं। भगवान ने आपको इतनी अच्छी शरीर दी है, आप लोग अच्छे कपड़े पहनिए।