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G20: IMF चीफ ने चंद्रयान-3 की सफलता के लिए PM को दी बधाई, कहा- इंटरस्टेलर से भी कम बजट में हासिल की उपलब्धि

Sun, 10 Sep 2023 09:45 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

G20: आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने चंद्रयान-3 की सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी और 'फिल्म इंटरस्टेलर से भी कम बजट' में यह उपलब्धि हासिल करने के लिए भारत की सराहना की।
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Narendra Modi, Droupadi Murmu, Kristalina Georgieva - फोटो : ANI
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विस्तार
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अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने चंद्रयान-3 की सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी और 'फिल्म इंटरस्टेलर से भी कम बजट' में यह उपलब्धि हासिल करने के लिए भारत की सराहना की।

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जी-20 के विभिन्न सत्रों और बैठकों के दौरान विश्व के कई नेताओं ने चंद्र मिशन के लिए भारत की प्रशंसा की और सूर्य का अध्ययन करने के लिए भारत के पहले अंतरिक्ष आधारित मिशन आदित्य एल1 के सफल प्रक्षेपण की भी सराहना की। 

सूत्रों ने बताया कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने चंद्रयान-3 के लिए भारत और पूरी दुनिया को बधाई दी, वहीं दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने इस उपलब्धि के लिए देश की सराहना की और याद किया कि उन्होंने ब्रिक्स बैठक के दौरान ब्रेक लेते हुए चंद्रमा पर उतरने का प्रसारण देखा था।
 

जॉर्जीवा ने कहा, 'मैं आपको चंद्रमा पर उतरने के लिए बधाई देती हूं। लेकिन एक अर्थशास्त्री के रूप में मैं आपको फिल्म 'इंटरस्टेलर' से कम बजट में इसे करने के लिए बधाई देती हूं। ब्रावो!' आईएमएफ की प्रबंध निदेशक जॉर्जीवा के हवाले से एक सूत्र ने G-20 के दौरान एक बैठक में यह बात कही।
 

भारत का अंतरिक्ष यान 41 दिन की सफल यात्रा के बाद 23 अगस्त को शाम छह बजकर चार मिनट पर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरा था। 600 करोड़ रुपये की लागत वाले चंद्रयान-3 मिशन को 14 जुलाई को प्रक्षेपण यान मार्क-3 (एलवीएम-3) रॉकेट से प्रक्षेपित किया गया था। 'इंटरस्टेलर'क्रिस्टोफर नोलन द्वारा सह-लिखित और निर्देशित 2014 की साइंस फिक्शन फिल्म है, जो लगभग 1,400 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई थी।
 

जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सीन लूंग ने कहा, 'चंद्रमा मिशन और आदित्य एल1 मिशन के लिए भी बधाई।' वहीं, मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ ने भी चंद्रयान और आदित्य एल1 मिशनों की सफलता पर भारत को बधाई देते हुए कहा कि यह भारत के तकनीकी कौशल को दिखाता है और यह 'भविष्य की यात्रा' के लिए एक प्रेरणा है।
 

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, नीदरलैंड के प्रधानमंत्री मार्क रूट और कोमोरोस संघ एवं अफ्रीकी संघ के अध्यक्ष अजाली असौमानी ने भी जी-20 सत्रों के दौरान चंद्रयान-20 की सफलता के लिए भारत की सराहना की। शनिवार को स्वीकार किए गए जी-20 नई दिल्ली घोषणापत्र में समूह ने कहा, 'हम 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा पर सफलतापूर्वक उतरने पर भारत को भी बधाई देते हैं।'
 

'वैश्विक आर्थिक सुस्ती से तेजी से उबरने के लिए बड़े सुधार जरूरी'
जॉर्जीवा ने को कहा कि कोविड-19 के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था में आई सुस्ती से उबरने की गति धीमी और असमान है और इसमें तेजी के लिए विकासोन्मुख बड़े सुधारों और बेहतर आर्थिक नीतियों की जरूरत है। आईएमएफ प्रमुख ने बहुपक्षीय विकास बैंकों (एमबीडी) को मजबूत करने की जरूरत भी बताई।
 

जी-20 शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि जी-20 सदस्य देशों को एमबीडी समर्थित जलवायु वित्त के लिए प्रति वर्ष 100 अरब अमेरिकी डॉलर के अपने वादे को पूरा करने मिसाल पेश करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि आईएमएफ ने जलवायु अनुकूलन के लिए अनुकूलन एवं स्थिरता ट्रस्ट (आरएसटी) के माध्यम से कमजोर देशों को सहयोग करने के लिए करीब 40 अरब अमेरिकी डॉलर जुटाए हैं।
 

उन्होंने जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए विभिन्न देशों में अपने स्तर पर संसाधन जुटाने के प्रयास करने की जरूरत भी बताई। उन्होंने कहा कि देशों को कर सुधारों, प्रभावी और कुशल सार्वजनिक खर्च, मजबूत वित्तीय संस्थानों और गहरे स्थानीय ऋण बाजारों के माध्यम से हरित उपायों के वित्तपोषण और प्रबंधन के घरेलू संसाधन जुटाने की भी जरूरत है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद धीमी पड़ी वैश्विक अर्थव्यवस्था में तेजी से सुधार नहीं हो रहा है। इसे देखते हुए संरचनात्मक सुधारों पर ठोस नीतियां अपनानी चाहिए।
 
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एमबीडी पर काफी काम हुआ
एमडीबी समर्थित वित्त पोषण पर जोर देते हुए जार्जीवा ने कहा कि मौजूदा वैश्विक आर्थिक स्थितियों को देखते हुए साल के अंत से पहले आईएमएफ के कोटा संसाधनों को बढ़ाने और जरूरतमंद देशों को ब्याज मुक्त समर्थन के लिए आवश्यक संसाधनों को सुरक्षित करने के लिए समझौते पर पहुंचना अति-महत्वपूर्ण है। वहीं, एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि भारत की जी-20 अध्यक्षता में एमबीडी पर काफी काम हुआ है।
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