लोकसभा अध्यक्ष को लिखे अपने पत्र में गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और रवनीत सिंह बिट्टू ने राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी के खिलाफ धमकाने वाली और असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया है। कांग्रेस सांसद ने अपने पत्र में लोकसभा अध्यक्ष से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की और उम्मीद जताई कि वह संसद सदस्यों के खिलाफ निंदनीय बयान देने वालों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करेंगे।
'सरकार के मंत्री ही कर रहे असंसदीय, आपत्तिजनक टिप्पणी'
गौरव गोगोई ने पत्र में कहा कि मैं आपको लोकसभा में संसदीय आचरण के गिरते मानकों के बारे में अपनी गहरी चिंता व्यक्त करने के लिए लिख रहा हूं, जैसा कि चल रहे मानसून सत्र के कई उदाहरणों से स्पष्ट है। अक्सर, सरकार के मंत्री ही विपक्षी दलों के सदस्यों के खिलाफ असंसदीय, आपत्तिजनक और धमकाने वाली टिप्पणियां करते हैं।
गौरव गोगोई ने दो केंद्रीय मंत्रियों की शिकायत की
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि 26 जुलाई को केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल किया, जो संसद के सदस्य नहीं हैं। इस कड़ी में गोगोई ने आरोप लगाया कि 25 जुलाई को केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी का जिक्र करते हुए असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया।
'सदन का सुचारू संचालन एक सामूहिक जिम्मेदारी'
लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता ने सदन में अपने हस्तक्षेप के दौरान भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की तरफ से सांप्रदायिक भाषा का इस्तेमाल करने का उदाहरण भी दिया। उन्होंने पत्र में कहा कि यह देखना निराशाजनक है कि संसदीय कार्य मंत्री सदन में मौजूद होने के बावजूद इन घटनाओं के दौरान अपने सहयोगियों को नियंत्रित करने में सक्षम थे। उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कि सदन का सुचारू संचालन सुनिश्चित करना एक सामूहिक जिम्मेदारी है, गोगोई ने कहा कि यह भी महत्वपूर्ण है कि सरकार एक सक्रिय और सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाए।
गौरव गोगोई ने सरकार पर लगाए कई आरोप
गौरव गोगोई ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस सरकार ने लगातार संसद की प्रक्रियाओं, परंपराओं और शिष्टाचार की अनदेखी की है, जिससे विपक्ष की आवाज के लिए कोई जगह नहीं बची है। गोगोई ने कहा कि सदन के प्रत्येक सदस्य की अपने मतदाताओं की आवाज का प्रतिनिधित्व करने की समान जिम्मेदारी है और इस बात पर जोर दिया कि मतभेद का परिणाम अनादर नहीं होना चाहिए।
स्पीकर से मंत्रियों पर कार्रवाई की मांग
उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में कहा, सदन के संरक्षक के रूप में हम आपसे अपेक्षा करते हैं कि आप आचार संहिता का पालन करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी सदस्य, चाहे वह सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, संसद के मानदंडों का उल्लंघन न कर सके। गोगोई ने कहा- मैं आपसे इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने का आग्रह करता हूं और आशा करता हूं कि आप संसद सदस्यों के खिलाफ ये निंदनीय बयान देने वालों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करेंगे।