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उपभोक्ता मंत्रालय से करें खराब दवा की शिकायत

Wed, 09 Jan 2019 09:05 PM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दवाओं की गुणवत्ता से जुड़ी शिकायत अब आप उपभोक्ता एवं खाद्य मंत्रालय से भी कर सकेंगे। तमाम सामग्रियों की तर्ज पर दवाओं के लिए भी मंत्रालय की हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी। मौजूदा समय में स्वास्थ्य मंत्रालय और केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रक संगठन (सीडीएससीओ) दवाओं का नियमन करते हैं। ऐसे में बड़े मामले सामने आने पर ही कदम उठाए जाते हैं। उपभोक्ता एवं खाद्य मंत्रालय खाद्य समेत तमाम सेवाओं के लिए उपभोक्ताओं की शिकायतों का निवारण करता है। लेकिन दवाओं का मामला तकनीकी रूप से अलग होने की वजह से मंत्रालय सीधे तौर पर इसकी जिम्मेदारी नहीं निभा रहा। 

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मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक, अब दवाओं का बिल देना हर केमिस्ट के लिए अनिवार्य है। साथ ही दवा के दाम समेत अन्य किसी खामी की शिकातय उपभोक्ता सीधे हमारी हेल्पलाइन पर कर सकेंगे। दवा की गुणवत्ता से जुड़े मामले को सीधे तौर पर हम नहीं निपटा सकते, लेकिन संबंधित मंत्रालय के साथ समन्वय कर उपभोक्ताओं को राहत दिला सकते हैं। उन्होंने बताया दवा के बेअसर होने या रिएक्शन से जुड़ी शिकायत भी हेल्पलाइन पर जा सकती है। 

ऐसे सभी मामलों को हम सीधे सीडीएससीओ को भेजेंगे और वह कार्रवाई करेगा। अधिकारी ने बताया कि दवाओं की ऑनलाइन बिक्री के मसले पर हमसे सुझाव लिए गए थे। हमने भी एंटीबायोटिक और उन दवाओं की बिक्री ऑनलाइन करने से रोकने को कहा है, जो मानसिक रोग से जुड़ी हैं या जिनमें ऐसा तत्व है जिससे नशा किया जा सकता है। दवा के लिए सीधे तौर पर सीडीएससीओ जिम्मेदार है, लेकिन इस बारे में सभी लोग जागरूक नहीं हैं।  
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दवा की गुणवत्ता में हैं तकनीकी कारक

अधिकारी ने कहा कि दवा में गुणवत्ता को लेकर सिर्फ एक मसला नहीं है, कई बार केमिस्ट की गलतियों से दवाएं खराब हो जाती हैं। यह पूरी तरह से तकनीकी मामला है और चाहकर भी मंत्रालय कोई हल नहीं निकाल सकता है। ऐसे में अगर उपभोक्ता हमसे शिकायत करता है तो उसे राहत सीडीएससीओ से ही मिलेगी और हम उसकी शिकायत सही जगह तक पहुंचा देंगे। दरअसल, दवाओं की शिकायतों को लेकर उपभोक्ता और स्वास्थ्य मंत्रालय के बीच समन्वय स्थापित करने को लेकर कुछ सांसदों द्वारा सिफारिश की गई थी। 

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