रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे में बढ़ती यात्रा मांग के बारे में चिंताओं का जवाब देते हुए लोकसभा में कहा, ट्रेनों में चार जनरल कोच रखने की मानक संरचना को अब सभी मेल पैसेंजर ट्रेनों में लागू किया जाएगा। ट्रेनों में दो-तिहाई जनरल कोच और एक-तिहाई वातानुकूलित कोच का अनुपात बनाए रखा जा रहा है।
लोकसभा में रेल मंत्री ने बताया कि 2014-24 के बीच 2964 स्टेशनों को इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग से कवर किया गया। साथ ही इन्हें इंटर ऑपरेबल बनाने के लिए कदम उठाए गए हैं। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए वैष्णव ने कहा कि मानव रहित लेवल क्रॉसिंग के चलते होने वाली चिंताओं को कम करने के लिए रेल ओवर ब्रिज और अंडरपास बनाए गए हैं।
रेल मंत्री वैष्णव ने पूर्ववर्ती यूपीए सरकार पर स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (एटीपी) प्रणाली स्थापित करने पर ध्यान नहीं देने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में एटीपी विकसित करने का फैसला किया, कवच का पहला परीक्षण 2016 में हुआ और 2019 में इसे एसआईएल-4 प्रमाणन प्राप्त हुआ।
उन्होंने कहा कि 2022 में इस प्रणाली के कार्यान्वयन के लिए 3,000 किलोमीटर लंबी परियोजना शुरू की गई और 2024 में कवच के संस्करण 4.0 को मंजूरी दी गई। वैष्णव ने कहा कि रेल दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण ट्रैक की खराबी को बड़ी चिंता के साथ संबोधित किया गया है। उन्होंने कहा कि यूपीए शासन के दौरान हर साल औसतन 171 दुर्घटनाएं होती थीं। अब इसमें 68 फीसदी की कमी आई है, हालांकि उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अभी भी काम किया जाना बाकी है और सभी इस लक्ष्य के लिए प्रतिबद्ध हैं।