असम में भाजपा को अपनी विजय करीब लग रही है। भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह के लिए लकी मैन साबित हो रहे पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव पर असम में पार्टी का परचम लहराने का जिम्मा है। फिलहाल सवाल यह है कि जम्मू-कश्मीर में कमल खिलाने वाले माधव क्या असम में करिश्मा दोहरा पाएंगे? उनकी चुनावी रणनीतियों और तमाम मुद्दों को लेकर अमर उजाला के एम संजय ने राम माधव से बातचीत की। पेश है प्रमुख अंश-
सवाल : जम्मू-कश्मीर के बाद पूर्वोत्तर में भाजपा की जीत का दारोमदार आपके कंधों पर है। क्या असम में करिश्मा दोहरा पाएंगे?
जवाब : विकास, भ्रष्टाचार और असम की अस्मिता एवं संस्कृति की रक्षा यहां के चुनाव में मुख्य मुद्दे हैं। इन मुद्दों को निपटाने के लिए प्रदेश की जनता भाजपा को जनादेश देगी। राज्य में अगली सरकार भाजपा के नेतृत्व में बनेगी। असम में बना हमारा गठबंधन अब तक का सबसे अहम राजनीतिक गठबंधन है।
सवाल : भारत माता की जय कहीं चुनाव को राष्ट्रवाद के मुद्दे पर ले जाने का भाजपा का दांव तो नहीं?
जवाब : भारत माता की जय का नारा चुनावी मुद्दा नहीं है, बल्कि यह देश के करोड़ों लोगों के हृदय का स्पंदन है।
सवाल : जम्मू-कश्मीर में आपके दल की सरकार है और वहां तिरंगा लहराने पर एनआईटी छात्रों की पिटाई हुई जबकि पाकिस्तान और आईएस का झंडा लहराने वाले बच जाते हैं। कहीं संघ-भाजपा का राष्ट्रवाद दिखावा मात्र तो नहीं?
जवाब : तिरंगे का हम कहीं भी अपमान नहीं होने देंगे। तिरंगे के सम्मान को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। पाकिस्तान और आईएस का झंडा लहराने वालों पर भी कार्रवाई हुई है। बीते 15 अगस्त को सूबे के सभी जिला मुख्यालयों पर तिरंगा लहरा कर उत्सव मनाया गया। एनआईटी का मामला कश्मीरी और गैर-कश्मीरी का नहीं, बल्कि यह देशभक्त बनाम देश विरोधियों के बीच का मामला है। हम चाहते हैं कि छात्र अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें।
सवाल : लोकसभा चुनाव 2014 के बाद से मुख्यमंत्री के उम्मीदवार का चलन बंद था। यह असम से शुरू हुआ है। पीएम मोदी को सियासी खरोंच से बचाना तो वजह नहीं?
जवाब : हमने सर्बानंद सोनोवाल को मुख्यमंत्री का उम्मीदवार बनाया है जो चुनावी रणनीति का एक हिस्सा है। प्रधानमंत्री ने सूबे में जमकर प्रचार किया है और आगे भी करेंगे। देश की जनता में मोदी जी के प्रति विशेष श्रद्धा है।
सवाल : योग गुरू रामदेव ने कहा है कि भारत माता का जयकार न करने वालों का सिर कलम कर देना चाहिए?
जवाब : इस समय देश में राष्ट्रभक्त बनाम राष्ट्र विरोधियों की चर्चा चल रही है। अभिव्यक्ति की आजादी का बहाना लेकर कुछ लोग देशद्रोह का समर्थन कर रहे हैं। यह बहस जारी रहनी चाहिए। कौन गलत है और कौन सही, इसका निर्णय देश की जनता पर छोड़ना चाहिए।
सवाल : चर्चा है कि असम में कांग्रेस के खिलाफ सियासी लड़ाई भाजपा नहीं, बल्कि कांग्रेस से आए हेमंत विश्व शर्मा लड़ रहे हैं?
जवाब : असम के बेहतर भविष्य की कामना करने वाले सभी लोग हमारे साथ हैं। इसलिए सर्बानंद हमारे सीएम के उम्मीदवार हैं तो हेमंत विश्व शर्मा भी साथ हैं।