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कोयले की किल्लत: हांफने लगे देश के कई राज्यों के थर्मल पावर प्लांट, 20 दिन में खत्म हो जाएगा भंडार

राहुल संपाल
Updated Tue, 26 Apr 2022 05:42 PM IST

सार

विशेषज्ञों का कहना है कि देश के अधिकांश थर्मल पावर प्लांट इन दिनों कोयले की कमी से जूझ रहे हैं। निजी क्षेत्र के 54 में से 28 पावर प्लांट में कोयला खत्म होने की कगार पर ही है। कोयला उत्पादन भले ही बढ़ा हो, लेकिन पावर प्लांट तक नहीं पहुंच पा रहा है...
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ऊर्जा मंत्री आर.के. सिंह और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वरिष्ठ अफसरों के साथ बैठक की - फोटो : Amar Ujala


विशेषज्ञों का कहना है कि देश के अधिकांश थर्मल पावर प्लांट इन दिनों कोयले की कमी से जूझ रहे हैं। निजी क्षेत्र के 54 में से 28 पावर प्लांट में कोयला खत्म होने की कगार पर ही है। कोयला उत्पादन भले ही बढ़ा हो, लेकिन पावर प्लांट तक नहीं पहुंच पा रहा है। कोयला पावर प्लांट्स तक पहुंचने के लिए 453 रैक रोज चाहिए, लेकिन 412 रैक की मौजूद हैं। तीनों मंत्रालयों की समीक्षा से पहले तो महज 379 रैक ही कोयला ढो रहे थे।

सरकार आई एक्शन में मंत्रियों ने हाई लेवल मीटिंग

देश के अधिकांश पावर प्लांट्स में कम होते कोयले को लेकर ऊर्जा मंत्रालय, कोयला और रेलवे मंत्रालय इससे निपटने में जुट गए हैं। सोमवार को भी बढ़ती पावर डिमांड को लेकर ऊर्जा मंत्री आर.के. सिंह और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वरिष्ठ अफसरों के साथ बैठक की। इसमें इसमें कोयला ढुलाई के लॉन्ग टर्म और शॉर्ट टर्म प्लान पर चर्चा हुई। मीटिंग में कोयला और बिजली उत्पादन से जुड़ी सरकारी कंपनियां भी शामिल रहीं। इसके अलावा मध्यप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात समेत कई राज्य सरकारों के प्रतिनिधि भी वर्चुअल तौर पर मौजूद रहे। ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने बैठक में कहा कि इस संकट के समय में केंद्र और राज्यों को बेहतर तालमेल के साथ काम करने की जरूरत है। साथ रेल मंत्रालय से अतिरिक्त रैक की मांग भी की।

रेलवे भी आया एक्शन में अब कोयले की रैंक बढ़ाएगा

रेल मंत्रालय ने भी इस बैठक में एक विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। इसमें बताया गया कि कैसे कम समय में रेलवे पहले की तुलना में ज्यादा कोयला सप्लाई कर रहा है। बैठक में रेलवे को पावर प्लांट तक जल्दी कोयला पहुंचाने के लिए भी कहा गया। इस पर रेलवे का कहना है कि रेलवे ने अपने नेटवर्क के माध्यम से कोयले के परिवहन में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त ट्रेनों की शुरुआत कर दी है। इससे बिजली संयंत्रों में कोयले की तेजी से आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। भारतीय रेलवे द्वारा सितंबर 2021 और मार्च 2022 के बीच 32 फीसदी अधिक कोयले की ढुलाई हुई है। भारतीय रेलवे के मुताबिक, अप्रैल 2022 के बाद भी माल ढुलाई में 10 फीसदी की वृद्धि आई है। साल 2021-22 में भारतीय रेलवे ने कोयले के परिवहन में रिकार्ड 11.1 करोड़ टन की वृद्धि की है। इस बढ़ोतरी के साथ रेलवे ने कुल 65.3 करोड़ टन कोयले की ढुलाई की है। वहीं, बीते वर्ष यह ढुलाई 54.2 करोड़ टन थी।

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