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CJP का दावा: प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस होंगे वापस; बिहार, असम के बाद राजस्थान में क्या है केंद्र की गारंटी?

Tue, 28 Jul 2026 10:33 AM IST
शिवम गर्ग पीटीआई, अहमदाबाद

सार

नीट-यूजी आंदोलन के बाद प्रदर्शनकारियों को राहत मिलने का दावा किया गया है। CJP के मुताबिक सरकार ने बिहार, असम और राजस्थान में कार्रवाई नहीं करने, एफआईआर वापस लेने और गिरफ्तार लोगों की रिहाई का आश्वासन दिया है।
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सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी ने बड़ा दावा किया है। संगठन के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सरकार ने एक बार फिर आश्वासन दिया है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएंगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि बिहार और असम के बाद राजस्थान में भी किसी तरह की कार्रवाई नहीं करने की गारंटी दी गई है।

क्या बिहार, असम और राजस्थान में कार्रवाई नहीं होगी?

सौरव दास ने सोशल मीडिया पर कहा कि बिहार और असम की अधिसूचनाओं के बाद उन्हें यह भरोसा भी दिया गया है कि राजस्थान में भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों को आगे की कार्रवाई से रोकने का आश्वासन मिला है।

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क्या दिल्ली पुलिस से हुई देर रात बैठक में मिला भरोसा?

मंगलवार तड़के करीब दो बजे सौरव दास ने CJP की कानूनी समन्वयक रत्ना सिंह के साथ एक वीडियो साझा किया। उन्होंने बताया कि उनकी दिल्ली पुलिस के प्रतिनिधियों से बैठक हुई, जो बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे थे। दास ने कहा कि उन्होंने सरकार से किए गए वादों के पूरा न होने की आशंका जताई, जिसके बाद उन्हें दोबारा भरोसा दिलाया गया।

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यह भी पढ़ें:- NEET आंदोलन पर बदला असम सरकार का रुख?: प्रदर्शन से जुड़े केस होंगे वापस, गिरफ्तार छात्रों की रिहाई का आदेश

क्या बिहार सरकार की अधिसूचना भी सौंपी गई?

सौरव दास के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने उन्हें बिहार सरकार की वह अधिसूचना भी उपलब्ध कराई, जिसमें 26 जुलाई से पहले प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों से भी इसी तरह की अधिसूचनाएं जारी होने की उम्मीद जताई गई है।

क्या CJP ने प्रदर्शनकारियों से धैर्य रखने की अपील की?

सीजेपी ने पुलिस कार्रवाई का सामना कर रहे प्रदर्शनकारियों से संयम बनाए रखने की अपील की। सौरव दास ने कहा कि संगठन उनके साथ है और जरूरत पड़ने पर उन्हें कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

क्या कानूनी सहायता के लिए नई वेबसाइट शुरू होगी?

सौरव दास ने बताया कि CJP एक ऐसी वेबसाइट शुरू करने जा रही है, जहां विभिन्न जिलों के वकील अपना नाम, स्थान और उपलब्ध कानूनी सहायता का विवरण दर्ज कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने इस पहल के लिए एक करोड़ रुपये की कानूनी सहायता की घोषणा की है और देशभर के वकीलों से इसमें सहयोग करने की अपील की है।

क्या दोबारा आंदोलन की चेतावनी दी गई?

सीजेपी ने कहा कि यदि प्रदर्शनकारियों पर दर्ज एफआईआर वापस नहीं ली गईं, गिरफ्तार छात्रों को रिहा नहीं किया गया और भविष्य में नए मामले दर्ज किए गए, तो संगठन फिर से आंदोलन करने को मजबूर होगा। इससे पहले संगठन के प्रवक्ता आशुतोष रांका भी इसी तरह की चेतावनी दे चुके हैं।

गौरतलब है कि अभिजीत दिपके और सीजेपी के अन्य सदस्यों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार द्वारा कुछ मांगें मानने के बाद 37 दिन से चल रहे आंदोलन को समाप्त करने की घोषणा की थी। यह आंदोलन NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा संबंधी कथित अनियमितताओं को लेकर चलाया गया था।

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