गुजरात के जखाऊ तट पर वर्ष 2019 में पकड़ी गई 330 किलो ब्राउन हेरोइन तस्करी मामले में विशेष एनआईए अदालत ने छह पाकिस्तानी नागरिकों को आठ-आठ वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, कथित रूप से खेप लेने वाले भारतीय आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।
अदालत ने उस भारतीय व्यक्ति को भी संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया, जिस पर समुद्र के बीच मादक पदार्थों की खेप लेने का आरोप था। जांच एजेंसी का दावा था कि वह भारतीय नाव के जरिए खेप प्राप्त करने वाला था।
एनआईए के अनुसार, 20 मई 2019 को राजस्व खुफिया निदेशालय को सूचना मिली थी कि पाकिस्तान की एक मछली पकड़ने वाली नाव गुजरात के जखाऊ तट के पास भारतीय समुद्री सीमा में मादक पदार्थों की खेप पहुंचाने वाली है।
21 मई को भारतीय तटरक्षक बल के जहाज 'अरिंजय' ने पाकिस्तान के झंडे वाली नाव को घेर लिया। इस दौरान नाव पर मौजूद लोगों ने संदिग्ध बैग समुद्र में फेंक दिए। बाद में भारतीय तटरक्षक बल ने 194 पैकेट बरामद किए। इसके बाद विभिन्न एजेंसियों ने अलग-अलग समय पर 17 और पैकेट भी बरामद किए।
जांच के दौरान पाकिस्तान की नाव 'अल-मदीना' और भारतीय नाव 'फेजाने किरमानी' को पकड़ा गया। पूछताछ में पाकिस्तानी नाव के कप्तान सफदर अली ने मादक पदार्थों की खेप भारतीय व्यक्ति तक पहुंचाने की जानकारी होने की बात स्वीकार की। फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी, भुज की जांच में बरामद पदार्थ को ब्राउन हेरोइन बताया गया। जांच में सामने आया कि छह पाकिस्तानी नागरिक 11 पॉलीप्रोपाइलीन बैग में पैक 330 पैकेट मादक पदार्थ लेकर भारत पहुंचे थे।