सीजेआई का 26 अगस्त को पद छोड़ने का कार्यक्रम है। परंपरा के मुताबिक, सीजेआई उत्तराधिकारी के रूप में वरिष्ठतम न्यायाधीश के नाम की सिफारिश करता है। न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित वरिष्ठता के मामले में रमण के बाद दूसरे स्थान पर आते हैं।
भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) एन.वी.रमण के कार्यालय को बुधवार को एक पत्र मिला है। यह पत्र कानून और न्याय मंत्रालय की ओर से भेजा गया है। पत्र में उनसे अपने उत्तराधिकारी की सिफारिश करने की प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया गया है।
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26 अगस्त को समाप्त हो रहा सीजेआई का कार्यकाल
सीजेआई का कार्यकाल 26 अगस्त को समाप्त हो रहा है। परंपरा के मुताबिक, सीजेआई उत्तराधिकारी के रूप में वरिष्ठतम न्यायाधीश के नाम की सिफारिश करते हैं। न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित वरिष्ठता के मामले में रमण के बाद दूसरे स्थान पर आते हैं।
निवर्तमान सीजेआई करते हैं उत्तराधिकारी के नाम की प्रक्रिया शुरू
मेमोरेंडम ऑफ प्रोसीजर (एमओपी) के अनुसार, निवर्तमान सीजेआई कानून मंत्रालय से संचार प्राप्त करने के बाद उत्तराधिकारी के नाम की प्रक्रिया शुरू करते हैं। एमओपी ही उच्च न्यायपालिका में न्यायाधीशों की नियुक्ति की प्रक्रिया को नियंत्रित करता है।
ये हो सकते हैं अगले सीजेआई
न्यायमूर्ति ललित अगर सीजेआई नियुक्त होते हैं तो उनका कार्यकाल तीन महीने से भी कम का होगा और वह 8 नवंबर को सेवानिवृत्त होंगे।