सीजेआई ने कहा कि वे अभी प्रभारी हैं, हालांकि कुछ समय के लिए ही हैं। उन्होंने वकील से कहा कि ऐसी अजीबो गरीब तरकीबें न आजमाएं, यह अदालत में मेरे आखिरी दिन हैं।
भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने गुरुवार को एक मामले की सुनवाई के दौरान एक वकील को जमकर फटकार लगाई। वकील ने बेंच से कहा कि उसने कोर्ट के आदेश के बारे में कोर्ट मास्टर से बात की थी? इस पर सीजेआई ने वकील से कहा कि उनकी आदेश के बारे में पूछने की कोर्ट मास्टर से पूछने की हिम्मत कैसे हुई?
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सीजेआई बोले कि कल को आप मेरे घर पर आकर निजी सचिव से पूछेंगे कि मैं क्या कर रहा हूं? अधिवक्ता अपना विवेक खो चुके हैं। सीजेआई ने कहा कि वे अभी प्रभारी हैं, हालांकि कुछ समय के लिए ही हैं। उन्होंने वकील से कहा कि ऐसी अजीबो गरीब तरकीबें न आजमाएं, यह अदालत में मेरे आखिरी दिन हैं। दरअसल सीजेआई चंद्रचूड़ 10 नवंबर को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। इसके बाद सीजेआई के लिए अगले उम्मीदवार न्यायाधीश संजीव खन्ना हैं। बता दें कि जस्टिस चंद्रचूड़ देश के 50वें प्रधान न्यायाधीश यानी CJI हैं।
वे कानून प्रक्रिया में दखलंदाजी पर वकीलों को कई बार फटकार चुके हैं। मंगलवार को उन्होंने वकीलों द्वारा एक नई प्रथा शुरू करने की तीखी निंदा की थी। सीजेआई ने कहा कि था 'अलग-अलग वकीलों द्वारा बार-बार एक ही मामले का उल्लेख करने की इस प्रथा को रोकें। ये प्रथा लगातार बढ़ रही है। मुख्य न्यायाधीश के तौर पर मेरे पास जो भी थोड़ा-बहुत विवेक है, उसका इस्तेमाल कभी भी आपके पक्ष में नहीं किया जाएगा, क्योंकि इस अदालत को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है। इससे मेरी व्यक्तिगत विश्वसनीयता दांव पर लग जाती है। मुझे सभी के लिए तय नियमों का पालन करना होता है।
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सोमवार को भी सुप्रीम कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने एक वकील को फटकार लगा दी थी। सीजेआई वकील की भाषा से इस कदर नाराज हुए कि उन्होंने वकील को फटकार लगाते हुए कहा कि यह कोई कॉफी शॉप नहीं सुप्रीम कोर्ट है। वकील ने सुनवाई के दौरान हां (Yeah) शब्द का इस्तेमाल किया था। जिस पर मुख्य न्यायाधीश नाराज हो गए था।
इससे पहले चुनावी बॉन्ड पर सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने वरिष्ठ वकील मैथ्यू नेदुम्पारा को बार-बार टोकने और जोर से बोलने पर फटकार लगाई थी। नेदुम्पारा मामले की सुनवाई के दौरान हस्तक्षेप करना चाहते थे और उन्होंने कहा कि कोर्ट ने इस देश की जनता की पीठ के पीछे बॉन्ड मामले में फैसला सुनाया है। कोर्ट को इसमें दखल नहीं देना चाहिए था। पीठ के जजों की ओर से इसपर आपत्ति जताए जाने के बावजूद नेदुम्पारा लगातार बोलते रहे और उनकी आवाज तेज भी हो गई। इसपर चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा, मुझपर चिल्लाइये मत। आप याचिका देना चाहते हैं तो याचिका दायर कीजिए।