केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की तरफ से सुरक्षाबलों की मनोवैज्ञानिक सेहत ठीक रखने के लिए कई अहम प्रयास किए गए। यही कारण है कि इस साल आत्महत्याओं की घटनाओं में 40 फीसदी गिरावट दर्ज की गई है।
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने बताया है कि सुरक्षाबलों की आत्महत्या में 40 फीसदी गिरावट दर्ज की गई है। साल 2023 में 25 सुसाइड की तुलना में इस साल केवल 15 सीआईएसएफ जवानों ने अलग-अलग कारणों से आत्महत्या का रास्ता चुना, जो प्रतिलाख आबादी के आधार पर देखने से 40 फीसदी कम है।
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केंद्रीय बल की तरफ से पांच साल में आत्महत्या के आंकड़े जारी
साल 2024 में प्रति एक लाख आबादी में 9.87 आत्महत्या के मामले सामने आए। इतनी ही संख्या के आधार पर 2023 में आत्महत्या के 16.98 मामले सामने आए। केंद्रीय बल की तरफ से पांच साल में कुल आत्महत्या के मामले और वर्षवार आंकड़े भी जारी किए गए हैं।
साल 2020 - आत्महत्या के 18 मामले
साल 2021- सीआईएसएफ के 21 जवानों ने आत्महत्या की
साल 2022- 26 CISF कर्मियों ने चुना सुसाइड का रास्ता
साल 2023- CISF के 25 सुरक्षाबलों ने आत्मघाती कदम उठाकर दी अपनी जान
साल 2024- 15 सीआईएसएफ जवानों ने आत्महत्या की
जवानों की मानसिक स्थिति ठीक और रखने के लिए क्या किया?
सुसाइड की संख्या घटने के कारणों पर केंद्रीय बल ने कहा, 'आत्महत्या की दर में पर्याप्त कमी का कारण अपने कर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों को सक्रिय आधार पर संबोधित करना है। सीआईएसएफ के मुताबिक जवानों की मानसिक स्थिति ठीक और रखने के लिए श्रृंखलाबद्ध तरीके से एक के बाद एक कई कदम उठाए गए।