फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चीन की सेना ने माना कि उसके पास हैं छह दिन से लापता अरुणाचल प्रदेश के पांच युवक

Tue, 08 Sep 2020 08:43 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
भारत-चीन - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

अरुणाचल प्रदेश से छह दिन पहले लापता हुए पांच भारतीय नागरिकों का पता चल गया है। पांचों चीन की सीमा में हैं। अरुणाचल प्रदेश से सांसद और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को बताया कि चीनी सेना ने पांचों नागरिकों के चीन की सीमा में होने की पुष्टि की है। 

विज्ञापन




रिजिजू ने कहा कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने भारतीय सेना की ओर से भेजे गए हॉटलाइन मैसेज का जवाब दिया है। उन्होंने पुष्टि की है कि अरुणाचल के लापता युवा उनके पक्ष में पाए गए हैं। उन्हें वापस लाए जाने की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है। ये युवक राज्य के अपर सुबांसिरी जिले से शुक्रवार को लापता हो गए थे।


अभी तक कयास लगाए जा रहे थे कि इन नागरिकों का चीनी सेना ने अपहरण किया है। इससे पहले सोमवार को चीन ने पांचों भारतीयों के अपहरण की जानकारी देने से इनकार किया था। चीन ने कहा था कि उसे इस बारे में भारतीय सेना की ओर से संदेश भेजे जाने की कोई जानकारी नहीं है। 
विज्ञापन


जानकारी के अनुसार ये युवक भारतीय सेना के लिए पोर्टर के रूप में काम करते थे जो दुर्गम क्षेत्रों में सामान की ढुलाई करते थे। इन युवकों के अगवा होने के मामले की जांच के लिए एक पुलिस टीम को मैकमोहन लाइन (भारत-चीन सीमा रेखा) से सटे सीमावर्ती क्षेत्र में भेजा गया था। 

ये पांचों दो और लोगों के साथ जंगल में शिकार करने गए थे। समूह के दो लोगों ने घर वापस लौटने पर उनके परिवार वालों को बताया था कि पांचों को सेरा-7 से चीनी सैनिक उठा ले गए। सेरा-7 एक सैन्य निगरानी इलाका है जो उत्तरी नाचो से करीब 12 किमी दूर है। 

चीन ने अरुणाचल को बताया था तिब्बत का हिस्सा
सोमवार को भारतीय युवकों के बारे में पूछे जाने पर चीन ने एक और हिमाकत करते हुए अरुणाचल प्रदेश को ही अपना हिस्सा बता डाला था। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा था कि चीन ने कभी भी तथाकथित अरुणाचल प्रदेश को मान्यता नहीं दी है, जो अभी भी चीन का दक्षिण तिब्बत क्षेत्र है।

भारतीय सेना ने सोमवार को कहा था कि हमने चीनी पक्ष से हॉटलाइन पर उन्हें बताया कि संभवत: कुछ लोग सीमा पार कर उनकी ओर पहुंच गए हों। जंगल या पहाड़ों में ऐसी कोई मानक लकीर नहीं खींची गई है, जिसे ध्यान में रखकर लोग इधर-उधर आ-जा सकें। संभव है कि पांचों भारतीय उधर चले गए हों। यह सामान्य बात है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें