हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से कुर्सी छीनने का संकट टल गया है। सूबे के मुख्यमंत्री पद पर खट्टर बरकरार रहेंगे। बल्कि उनसे नाराज विधायकों को पटरी पर लाने के लिए खुद भाजपा आलाकमान उनसे सीधी बातचीत करेगा।
खट्टर के बदले जाने की संभावनाओं को खारिज करते हुए भाजपा के एक शीर्ष नेता का स्पष्ट कहना है कि मुख्यमंत्री पद पर खट्टर बरकरार रहेंगे। उन्हें बदलने का कोई सवाल ही नहीं उठता है। तो उनके खिलाफ विधायकों की नाराजगी पर उक्त नेता का कहना है कि विधायकों से जल्द बातचीत की जाएगी।
क्यों नहीं हटेंगे खट्टर
सूत्र बताते हैं कि विधायकों के दबाव में आकर पार्टी आलाकमान मुख्यमंत्री बदलने के मूड में नहीं है। आलाकमान को लगता है कि एक जगह परंपरा की शुरूआत हो गई तो दूसरे राज्यों से भी ऐसी मांग उठनी शुरू हो जाएगी। वैसे भी पीएम मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह किसी दबाव में झुककर राजनीति करने के आदी नहीं माने जाते हैं। खट्टर को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला खुद पीएम मोदी से जुडा हुआ है इसलिए उन्हें बदलकर भाजपा आलाकमान पीएम मोदी के फैसले को गलत नहीं साबित कर सकता है।