दरअसल, लोकसभा चुनाव के परिणाम के बाद यह तय हो गया है कि रायपुर-दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के विधायक व शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल लोकसभा की जिम्मेदारी संभालेंगे और उनकी मंत्री की सीट रिक्त होगी। इसके अलावा साय सरकार के मंत्रिमंडल में अभी भी 13वां मंत्री पद रिक्त है। ऐसे में दो विधायकों को मंत्री बनने का मौका मिल सकता है। आने वाले दिनों में प्रदेश में मंत्रिमंडल की प्रक्रिया में तेजी आने की संभावना है।
प्रदेश के नए मंत्रिमंडल में शामिल होने के लिए कई विधायकों के नाम लिए जा रहे हैं। इनमें रायपुर संभाग से पूर्व मंत्री व रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत, पूर्व मंत्री व कुरूद विधायक अजय चंद्राकर, दुर्ग विधायक गजेंद्र यादव, विधायक अनुज शर्मा, रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, आरंग के विधायक खुशवंत साहेब का नाम प्रमुखता से लिया जा रहे हैं। इसके अलावा दुर्ग संभाग से विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, बिलासपुर संभाग से विधायक धरमलाल कौशिक, विधायक अमर अग्रवाल और बस्तर संभाग से विधायक महेश कश्यप भी संभावित चेहरों में बताए जा रहे हैं।
भाजपा नेताओं का कहना है कि भाजपा नया प्रयोग करने के लिए भी जानी जाती है। छत्तीसगढ़ संगठन में पार्टी ने कई नए प्रयोग किए हैं। ऐसे में ये कयास लगाए जा रहे हैं कि भाजपा किसी नए और युवा नेता को भी मंत्रिमंडल में शामिल कर सकती है। अप्रत्याशित नाम की बात की जाए, तो उसमें रायपुर ग्रामीण से विधायक पुरंदर मिश्रा को भी मंत्री बनाया जा सकता है। क्योंकि भाजपा लगातार प्रयोग कर रही है, नए लोगों को मौका दे रही है। पुरंदर मिश्रा पहली बार विधायक बने हैं।
प्रदेश भाजपा सूत्रों की मानें, तो भाजपा संगठन में वर्तमान में जिस तरह के निर्णय हो रहे हैं। उसके मुताबिक मंत्रिमंडल पुनर्गठन फेरबदल को लेकर इस बार भी चौंकाने वाले निर्णय सामने आ सकते हैं। 6 महीने पहले साय मंत्रिमंडल का गठन किया गया था। इसमें केवल चार पुराने मंत्रियों को जगह मिल पाई थी। जबकि इसके पहले की भाजपा की डॉ. रमन सिंह सरकार के समय मंत्री रहे अधिकांश नेता मंत्री पद की दौड़ से बाहर हो गए थे। मंत्रिमंडल के पुनर्गठन और बड़े फेरबदल की इन चर्चाओं के बीच रायपुर से लेकर दिल्ली तक मंत्री बनने के लिए विधायकों की लॉबिंग तेज हो गई है।
छत्तीसगढ़ में कितने मंत्री बनाए जा सकते हैं
छत्तीसगढ़ में कुल 90 विधानसभा सीटें हैं। इन सीटों के अनुपात में प्रदेश में सीएम सहित कुल 13 नेताओं को मंत्री बनाया जा सकता है। विधानसभा चुनाव 2023 में 90 में से 54 सीटों पर भाजपा ने जीत हासिल की थी। भाजपा सरकार बनने के बाद सीएम सहित कुल 11 मंत्रियों ने शपथ ली। उस दौरान एक मंत्रीपद खाली था। अब बृजमोहन अग्रवाल के सांसद बनने के बाद एक और मंत्री पद खाली हो गया है। इस तरह दो नेताओं को मंत्री बनाया जा सकता है।