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Chhattisgarh: नक्सली क्षेत्र में क्यों पहली रैली करेंगे PM मोदी? इसलिए है 'आधी आबादी' पर BJP-कांग्रेस की नजर

सार

चुनावी आचार संहिता लागू होने के बाद नरेंद्र मोदी पहले ऐसे बड़े राष्ट्रीय नेता होंगे, जो प्रदेश में चुनावी शंखनाद करेंगे। बस्तर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा आयोजित करने को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने जोर-शोर से तैयारियां शुरू कर दी हैं। 
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छत्तीसगढ़ में पीएम मोदी नक्सल प्रभावित बस्तर में करेंगे चुनाव प्रचार। - फोटो : अमर उजाला
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लोकसभा चुनाव 2024 के लिए भाजपा ने चुनाव प्रचार का आगाज कर दिया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने राज्यों में चुनावी सभाएं करना शुरू कर दी है। यूपी, राजस्थान के बाद अब पीएम छत्तीसगढ़ में सभा करने जा रहे है। पीएम छत्तीसगढ़ के बस्तर से चुनावी शंखनाद करेंगे। दूसरी तरफ कांग्रेस भी अपने बड़े नेताओं की सभा बस्तर में ही सबसे पहले करेगी। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे या प्रियंका गांधी में से किसी एक को सबसे पहले बस्तर लाया जा सकता है। हालांकि कांग्रेस ने अभी किसी भी तरह की तारीख तय नहीं की है।
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चुनावी आचार संहिता लागू होने के बाद नरेंद्र मोदी पहले ऐसे बड़े राष्ट्रीय नेता होंगे, जो प्रदेश में चुनावी शंखनाद करेंगे। बस्तर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा आयोजित करने को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने जोर-शोर से तैयारियां शुरू कर दी हैं। जानकारी के मुताबिक, आठ अप्रैल को प्रधानमंत्री मोदी बस्तर दौरे पर आ सकते हैं। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी बस्तर जिले का दौरा करेंगे। 5 अप्रैल को जेपी नड्डा बस्तर आ सकते हैं। वे स्थानीय नेताओं की एक बैठक भी लेंगे, जिसमें लोकसभा चुनाव को लेकर अहम चर्चा की जाएगी।

भाजपा के लिए कमजोर सीट रही है बस्तर
बस्तर लोकसभा सीट भाजपा के लिए बहुत ही अहम है। इस सीट की गिनती ऐसी सीटों में होती है जहां भाजपा की स्थिति कमजोर है। 2019 में यहां से कांग्रेस के दीपक बैज सांसद बने। बस्तर के अलावा ऐसी ही सीट कोरबा भी है। जहां भाजपा फोकस किए है। पिछले लोकसभा चुनावों में यहां कांग्रेस की ज्योत्सना चरणदास महंत को जीत मिली थी। यही वजह है कि, इस बार इन दोनों सीटों पर कमल खिलाने की पूरी कोशिश भारतीय जनता पार्टी कर रही है। प्रदेश के तमाम नेता 11 सीटों पर पार्टी की जीत का दावा कर रहे हैं, जिनमें सबसे अहम बस्तर है। बस्तर लोकसभा सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। नक्सल प्रभावित क्षेत्र बस्तर लोकसभा के अंतर्गत विधानसभा की 8 सीटें आती हैं।
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जानें बस्तर का सियासी समीकरण
इस सीट पर आदिवासी समाज और महिला वोटर निर्णायक भूमिका अदा करते है। इस लोकसभा सीट में शुरू से ही महिला वोटर का दबदबा रहा है। बस्तर लोकसभा सीट को लेकर चुनाव के आंकड़े बताते हैं कि यहां हर साल महिलाएं सांसद चुनकर लोकसभा में भेजती है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, बस्तर में कुल मतदाताओं की संख्या 14 लाख 66 हजार 337 मतदाता हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव के पहले बस्तर सीट में 1 लाख 54 हजार नए मतदाताओं को जोड़ा गया है। इस सीट पर महिलाओं की संख्या पुरुषों से ज्यादा है। यहां से पुरुष मतदाताओं की संख्या 6 लाख 98 हजार 197 है। जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 7 लाख 68 हजार 88 है। वहीं थर्ड जेंडर के 52 मतदाता शामिल हैं।

छत्तीसगढ़ भाजपा के सूत्रों का कहना है कि, प्रधानमंत्री मोदी की सभा का प्रस्ताव स्थानीय नेताओं ने केंद्रीय नेतृत्व को भेजा था। केंद्रीय संगठन की ओर से फिलहाल मौखिक सहमति बनी है। हालांकि अब तक प्रधानमंत्री का कोई आधिकारिक कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है। प्रधानमंत्री का यह दौरा कोंडागांव और नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र में से किसी एक जगह पर किया जाएगा। इसे लेकर स्थानीय नेता रणनीति तैयार कर रहे हैं।लेकिन स्थानीय स्तर पर भीड़ जुटाने के लक्ष्य के साथ नेताओं ने माहौल बनाना शुरू कर दिया है।

छत्तीसगढ़ में 2024 का चुनाव तीन चरणों में आयोजित किया जा रहा है। पहले चरण में 19 अप्रैल को बस्तर में मतदान होना है। यहां कांग्रेस से कवासी लखमा और भाजपा से महेश कश्यप आमने-सामने हैं। 26 अप्रैल को कांकेर, राजनांदगांव और महासमुंद में वोटिंग होगी। यह दूसरे चरण का मतदान होगा। सबसे अंत में तीसरे चरण की वोटिंग 7 मई के दिन होगी, इनमें रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, दुर्ग और सरगुजा लोकसभा सीट शामिल हैं। इन चरणों के हिसाब से राजनीतिक दल अपने-अपने बड़े नेताओं को संबंधित इलाकों में ले जाने की तैयारी कर रहे हैं।
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