छत्तीसगढ़ के दिवंगत कांग्रेसी दिग्गज अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जोगी (जेसीसीजे) का जल्दी ही भाजपा में विलय होगा। अजीत जोगी के पुत्र और पार्टी अध्यक्ष अमित जोगी की गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात में विलय पर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है। अमित को लोकसभा चुनाव का टिकट दिया जा सकता है।
लोकसभा चुनाव में भाजपा की योजना हिंदीपट्टी राज्यों में पुराना प्रदर्शन दोहराने की है। बीते चुनाव में पार्टी सहयोगियों के साथ हिंदी पट्टी के राज्यों की 90 फीसदी सीटें जीतने में सफल रही थी।
कमजोर हो गई जेसीसीजे
गौरतलब है कि कांग्रेस से अदावत के बाद दिवंगत अजीत जोगी ने 2016 में अलग पार्टी बनाई थी। साल 2018 के चुनाव में जोगी की पार्टी विधानसभा की पांच सीटें जीतने में कामयाब रही। हालांकि, बीते विधानसभा चुनाव में पार्टी खाता नहीं खोल पाई। अमित जोगी ने पाटन सीट पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल को चुनौती दी, हालांकि वह खुद तीसरे स्थान पर रहे।
विरासत पर कब्जा करने की रणनीति
भाजपा की रणनीति बीते चुनाव के मुकाबले अधिक सीटें हासिल करने की है। इस क्रम में पार्टी की कांग्रेस की विरासत पर भी नजर है। इसी रणनीति के तहत पार्टी ने केरल में कांग्रेसी दिग्गज एके एंटनी, पंजाब में पार्टी दिग्गज बलराम जाखड़ सहित कई दिग्गजों के नई पीढ़ी का भाजपा में प्रवेश कराया। इसी क्रम में अब पार्टी की निगाहें जेसीसीजे पर है।