चेन्नई के पूनमल्ली इलाके की रहने वाली 11वीं कक्षा की एक छात्रा ने यौन शोषण का शिकार होने के बाद आत्महत्या कर ली। अपनी जान देने से पहले नाबालिग किशोरी ने एक पत्र भी लिखा। भावुक कर देने वाले इस पत्र में उसने अपने अकेलेपन, उत्पीड़न के खिलाफ अपनी लड़ाई के बारे में लिखा है। यह भी बताया है कि जब वह तनाव के इस दौर से गुजर रही थी तब न तो उसका स्कूल और न ही घर सुरक्षित साबित हुआ।
यह सुसाइड नोट मृतका के घर से मिला है और पुलिस इसी के जरिए मामले की जांच कर रही है। किशोरी एक सरकारी स्कूल की छात्रा थी। नोट में उसने लिखा है कि सुरक्षित जगहें केवल दो हैं... मां की कोख और कब्र। उसके माता-पिता का कहना है कि पहले छात्रा एक निजी स्कूल में पढ़ती थी। वहां एक शिक्षक के बेटे ने उसका उत्पीड़न किया था। तब वह नौवीं कक्षा में थी। इसके बाद उसका एडमिशन सरकारी स्कूल में कराया था।
तमिलनाडु में बढ़े हैं महिलाओं के खिलाफ अपराध
राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में बीते कुछ समय में दुर्भाग्यपूर्ण रूप से काफी बढ़ोतरी देखने को मिली है। पिछले सप्तात तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले में एक हाईस्कूल का छात्रा का शव झाड़ियों में मिला था। वह 11 दिसंबर को लापता हुई थी। एक अन्य मामले में कोयंबटूर में ही एक छात्रा ने अपने शिक्षक पर यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए आत्महत्या कर ली थी। आरोपी शिक्षक इस समय पुलिस हिरासत में है।