कोरोना की तीसरी लहर में तेज होते संक्रमण को देखते हुए तमिलनाडु सरकार ने नई गाइड लाइन लागू कर दी है। इसके बाद चेन्नई रेल मंडल ने ट्रेनों में सवार होने वालों के लिए वैक्सीन की दोनों डोज अनिवार्य कर दिए हैं। जिन लोगों को दोनों खुराक नहीं लगी होगी, उन्हें ट्रेन में सवार नहीं होने दिया जाएगा। ये नियम सोमवार से लागू हो गया है।
तमिलनाडु सरकार के गृह विभाग द्वारा कोरोना वायरस को लेकर जारी की गई गाइड लाइंस के बाद रेलवे के चेन्नई मंडल ने चेन्नई क्षेत्र के लिए यह नियम लागू किया है। देशभर में पिछले चंद दिनों में ही कोरोना संक्रमितों की संख्या कुछ सौ से बढ़कर पौने दो लाख से ज्यादा होने से डर बढ़ने लगा है। राज्य सरकारें लगातार पाबंदियां बढ़ाती जा रही हैं। अब तमिलनाडु सरकार ने भी ट्रेनों में सफर को लेकर यह बड़ा कदम उठाया है।
सदर्न रेलवे ने यात्रियों के लिए नई गाइडलाइंस की जानकारी देते हुए बताया कि कोविड-19 के बढ़ मामलों और ओमिक्रॉन के खतरे के चलते तमिलनाडु सरकार ने छह जनवरी से कई पाबंदियों को लागू किया है। राज्य की उपनगरीय ट्रेनों में सिर्फ 50 फीसदी यात्रियों को ही यात्रा करने की इजाजत होगी।
उपनगरीय ट्रेनों में यह नियम 31 जनवरी तक लागू
यह नियम 10 जनवरी सुबह चार बजे से लेकर 31 जनवरी, 2022 को आधी रात तक लागू रहेगा। सदर्न रेलवे के बयान में कहा गया है कि उपनगरीय ट्रेनों में सिर्फ उन्हीं यात्रियों को सफर करने की मंजूरी होगी, जिनके पास कोरोना वैक्सीन की दोनों खुराक के प्रमाण पत्र होंगे। उन्हें वैध पहचान पत्र के सबूत के साथ दूसरी खुराक का सर्टिफिकेट टिकट खिड़की पर दिखाना होगा।
इसके अलावा यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप सोमवार से काम नहीं करेगा। रेलवे ने यात्रियों से कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने की अपील की है। यात्रियों से सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क पहनना, हाथ धोने जैसे बचाव के तमाम नियमों का पालन करने की अपील की है।